छत्तीसगढ़ की राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रदेश की विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है, जिसकी शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण के साथ होगी। इस सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री ओपी चौधरी (OP Choudhary) वित्तीय वर्ष 2025-26 का आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) सदन के पटल पर रखेंगे। यह रिपोर्ट राज्य की वर्तमान आर्थिक स्थिति, विकास दर और विभिन्न क्षेत्रों (कृषि, उद्योग, सेवा) में हुई प्रगति का आधिकारिक ब्यौरा होगी, जिससे यह स्पष्ट होगा कि छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था किस दिशा में बढ़ रही है।
साय सरकार के इस महत्वपूर्ण सत्र को लेकर राजनीतिक गलियारों में काफी हलचल है। वित्त मंत्री द्वारा पेश किए जाने वाले आर्थिक सर्वेक्षण के आंकड़ों पर सबकी नजरें टिकी हैं, क्योंकि इसी के आधार पर कल यानी 24 फरवरी को राज्य का मुख्य बजट पेश किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, इस बार का बजट 'विकसित छत्तीसगढ़ 2047' के विजन और 'ज्ञान' (GYAN - गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी) की थीम पर आधारित हो सकता है। सरकार बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटल गवर्नेंस और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ी घोषणाएं कर सकती है।
दूसरी ओर, विपक्षी दल कांग्रेस ने भी सरकार को विभिन्न मोर्चों पर घेरने की पूरी रणनीति बना ली है। बजट सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था, धान खरीदी की बकाया राशि और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सदन में तीखी नोकझोंक होने के आसार हैं। यह सत्र 20 मार्च तक चलेगा, जिसमें कुल 15 बैठकें प्रस्तावित हैं। नए विधानसभा भवन में आयोजित होने वाला यह सत्र ऐतिहासिक माना जा रहा है, जहाँ प्रदेश के भविष्य का वित्तीय खाका खींचा जाएगा।








