रायपुर: छत्तीसगढ़ के कृषि विभाग में पदस्थ एक उच्च अधिकारी के खिलाफ पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई विभाग की ही एक महिला अधिकारी द्वारा लगाए गए प्रताड़ना और दुर्व्यवहार के आरोपों के बाद की गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़िता ने पहले विभागीय स्तर पर शिकायत की थी, लेकिन लंबे समय तक विभाग की 'खामोशी' और जांच में देरी के बाद उन्हें न्याय के लिए पुलिस की शरण लेनी पड़ी।
क्या हैं आरोप?
महिला अधिकारी का आरोप है कि आरोपी अधिकारी पिछले काफी समय से उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। शिकायत के अनुसार, ऑफिस के कामकाज के दौरान अशोभनीय टिप्पणियां करना, देर रात फोन करना और प्रोफेशनल काम में बाधा डालना जैसे कृत्य किए गए। जब महिला ने इसका विरोध किया, तो उन्हें करियर खराब करने की धमकी भी दी गई।
विभागीय चुप्पी पर उठे सवाल
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने सबसे पहले विभाग के आंतरिक शिकायत तंत्र (Internal Complaints Committee) को इसकी जानकारी दी थी। लेकिन विभाग ने मामले को दबाने की कोशिश की या जांच की रफ्तार इतनी धीमी रही कि आरोपी अधिकारी के हौसले बुलंद होते गए। विभागीय स्तर पर कोई सख्त कदम नहीं उठाए जाने के कारण महिला ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई और FIR
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित थाने में आरोपी अधिकारी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। पुलिस अब विभाग से आधिकारिक दस्तावेज और सीसीटीवी फुटेज जैसे साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि "कार्यस्थल पर महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा सर्वोपरि है, और इस मामले में निष्पक्ष जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
विभाग में हड़कंप
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद कृषि विभाग के भीतर हड़कंप मचा हुआ है। वरिष्ठ अधिकारी अब इस मामले पर टिप्पणी करने से बच रहे हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पुलिस केस दर्ज होने के बाद अब आरोपी अधिकारी को निलंबित (Suspend) करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। यह मामला प्रदेश के अन्य सरकारी विभागों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।








