Raipur - भारत के इतिहास में पहली बार पूरी तरह से डिजिटल जनगणना का आगाज हो चुका है, जिसके तहत सरकार ने 'स्व-गणना' (Self-Enumeration) की सुविधा शुरू की है। अब नागरिकों को जनगणना के लिए घर आने वाले कर्मचारियों का इंतजार करने की जरूरत नहीं है; वे आधिकारिक पोर्टल (https://se.census.gov.in/) के माध्यम से खुद ही अपनी और अपने परिवार की जानकारी दर्ज कर सकते हैं। यह कदम जनगणना प्रक्रिया को अधिक सुलभ, तेज और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिससे डेटा की सटीकता में भी बड़ा सुधार आएगा।
इस डिजिटल प्रक्रिया में नागरिकों को घर की स्थिति, सुविधाओं और परिवार के सदस्यों से संबंधित कुल 33 बुनियादी सवालों के जवाब देने होंगे। इन प्रश्नों में मकान का प्रकार, छत और फर्श की सामग्री, पेयजल का स्रोत, इंटरनेट की उपलब्धता, वाहन और अन्य आधुनिक सुविधाओं से जुड़ी जानकारी शामिल है। पोर्टल पर जानकारी सफलतापूर्वक दर्ज करने के बाद, प्रत्येक परिवार को एक 'यूनिक सेल्फ-एन्यूमरेशन आईडी' (SE ID) प्राप्त होगी, जिसे सुरक्षित रखना अनिवार्य है। यह आईडी जनगणना कर्मियों के भौतिक सत्यापन के समय काम आएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित बनी रहेगी।
सरकार का यह निर्णय न केवल समय की बचत करेगा, बल्कि भविष्य की कल्याणकारी योजनाओं और सरकारी नीतियों के निर्माण में भी मददगार साबित होगा। डिजिटल होने से न केवल कागजी कार्रवाई कम होगी, बल्कि देश के हर नागरिक का डेटा अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज होगा। प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस नई व्यवस्था का लाभ उठाएं और अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए समय पर सही जानकारी दर्ज करें ताकि देश के विकास का सटीक खाका तैयार किया जा सके।







