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नन्हे 'जलपुत्र' का वर्ल्ड रिकॉर्ड: 7 साल के ईशांक ने तैरकर पार किया समंदर, पाक जलडमरूमध्य में लहराया तिरंगा

झारखंड की राजधानी रांची के 7 साल के मासूम ईशांक ने अपनी हिम्मत और जज्बे से दुनिया को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया है। ईशांक ने श्रीलंका और भारत के बीच स्थित पाक जलडमरूमध्य (Palk Strait) के खतरनाक समुद्री रास्ते को तैरकर पार कर लिया है। लगभग 29 किलोमीटर की इस चुनौतीपूर्ण दूरी को तय कर उन्होंने एक नया विश्व रिकॉर्ड कायम किया है। इतनी छोटी उम्र में खुले समंदर की लहरों से टकराकर मंजिल पाने वाले वे भारत के सबसे कम उम्र के तैराक बन गए हैं।

इस साहसिक सफर की शुरुआत श्रीलंका के तलाईमन्नार से हुई थी, जहाँ से ईशांक ने भारत के धनुषकोडी तक का सफर पानी में रहकर पूरा किया। समुद्र की तेज धाराओं और नमकीन पानी के थपेड़ों के बीच ईशांक का संकल्प जरा भी नहीं डगमगाया। रांची जैसे गैर-तटीय शहर से ताल्लुक रखने के बावजूद, ईशांक ने तैराकी की ऐसी मिसाल पेश की है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी। उनके इस मिशन की सफलता पर समुद्री विशेषज्ञों ने भी हैरानी जताई है।
ईशांक की इस ऐतिहासिक जीत ने खेल जगत में हलचल मचा दी है। जैसे ही वे भारत की सीमा पर पहुंचे, उनका भव्य स्वागत किया गया। रांची स्थित उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। माता-पिता और कोच ने इसे ईशांक की कड़ी मेहनत और अनुशासन का परिणाम बताया है। नन्हे ईशांक की यह उपलब्धि केवल एक रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि यह उन करोड़ों बच्चों के लिए संदेश है जो बड़े सपने देखने का हौसला रखते हैं। अब पूरी दुनिया इस नन्हे 'जलपुत्र' की जांबाजी को सलाम कर रही है।







