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छत्तीसगढ़: भाजपा की 'संगठन शिल्पी' लक्ष्मी वर्मा ने दाखिल किया राज्यसभा के लिए नामांकन; सीएम साय और दिग्गजों की मौजूदगी में शक्ति प्रदर्शन

रायपुर, 5 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ से राज्यसभा की खाली हो रही सीटों के लिए भारतीय जनता पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी लक्ष्मी वर्मा ने आज विधानसभा सचिवालय पहुँचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, प्रदेश अध्यक्ष, और कैबिनेट के कई वरिष्ठ मंत्री विशेष रूप से उपस्थित रहे। भाजपा ने इस बार किसी बड़े 'चेहरे' के बजाय जमीन से जुड़ी और तीन दशकों से संगठन के लिए समर्पित महिला नेत्री पर भरोसा जताया है, जिसे राजनीतिक हलकों में 'मातृशक्ति' और 'ओबीसी (OBC) कार्ड' के सफल संयोजन के रूप में देखा जा रहा है।

लक्ष्मी वर्मा का राजनीतिक सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है। 1990 में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से शुरुआत करने वाली वर्मा ने पार्षद, जिला पंचायत अध्यक्ष (रायपुर) और प्रदेश उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी योग्यता साबित की है। वर्तमान में वे छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य भी हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा के लिए 7 नामों के पैनल में से लक्ष्मी वर्मा का चयन उनके बेदाग राजनीतिक करियर और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी सहज उपलब्धता के कारण किया गया। उन्होंने नारायण चंदेल और डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी जैसे कद्दावर नेताओं को पीछे छोड़ते हुए इस रेस में बाजी मारी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लक्ष्मी वर्मा को बधाई देते हुए कहा कि उनकी उम्मीदवारी से प्रदेश के कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की 2 सीटें खाली हो रही हैं (फूलोदेवी नेताम और केटीएस तुलसी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है), जिनमें से संख्या बल के आधार पर भाजपा की एक सीट पर जीत तय मानी जा रही है। लक्ष्मी वर्मा के नामांकन के साथ ही भाजपा ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वह आगामी चुनावों के मद्देनजर अपने पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं को पुरस्कृत करने की नीति पर चल रही है।







