बिलासपुर: रेल यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठाकर टिकटों की कालाबाजारी करने वाले एक शातिर गिरोह का बिलासपुर RPF ने भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज तक अपना नेटवर्क फैलाए हुए था। यहाँ से आरक्षित (Reserved) टिकट बुक कर ऊंचे दामों पर प्रयागराज और अन्य शहरों में बेचे जा रहे थे।
RPF की टीम ने मुखबिर की सूचना पर शहर के एक संदिग्ध ठिकाने पर दबिश दी, जहाँ से भारी मात्रा में ई-टिकट, पर्सनल यूजर आईडी और टिकट बुकिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं।
कैसे काम करता था यह नेटवर्क?
जांच में खुलासा हुआ है कि दलाल फर्जी पर्सनल यूजर आईडी का इस्तेमाल कर तत्काल और आरक्षित टिकटों को सॉफ्टवेयर के जरिए पलक झपकते ही बुक कर लेते थे।
बिलासपुर कनेक्शन: बिलासपुर के दलाल टिकट बुक करने का मुख्य केंद्र थे।
प्रयागराज लिंक: बुक किए गए टिकटों को डिजिटल माध्यम से प्रयागराज भेजा जाता था, जहाँ लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए यात्रियों से भारी वसूली की जाती थी।
तकनीकी खेल: दलाल प्रतिबंधित सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रहे थे ताकि सामान्य यात्रियों से पहले वे टिकट ब्लॉक कर सकें।
बड़ी मात्रा में टिकट और नकदी बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से लाखों रुपये के आगामी तिथियों के टिकट और कई पुरानी टिकटों का रिकॉर्ड जब्त किया है। आरोपी दलाल के पास से लैपटॉप, कई मोबाइल फोन और दर्जनों फर्जी सिम कार्ड बरामद हुए हैं। RPF ने आरोपी को रेलवे एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया है और अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य मास्टरमाइंड्स की तलाश की जा रही है।








