छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने और संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक दिव्यांग युवक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इस युवक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से हिंदू देवी-देवताओं और प्रदेश के मुख्यमंत्री के विरुद्ध बेहद अभद्र और विवादित पोस्ट साझा की थी, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश था।
घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पोस्ट के वायरल होने से शहर में तनाव की स्थिति को देखते हुए साइबर सेल और स्थानीय थाने की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे हिरासत में लिया। प्राथमिक पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि इस तरह की टिप्पणियां समाज में वैमनस्य फैला सकती हैं और कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं। न्यायालय ने मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी की जमानत याचिका नामंजूर कर दी और उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया। वर्तमान में आरोपी को जेल दाखिल कर दिया गया है।
बिलासपुर पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स को कड़ी चेतावनी दी है कि वे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग न करें। किसी भी धर्म, समुदाय या व्यक्ति विशेष के खिलाफ नफरत फैलाने वाली सामग्री पोस्ट करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी भड़काऊ पोस्ट को साझा करने से बचें और शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।








