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Cyber Crime News: 500 रुपये की ड्रेस के चक्कर में नर्स से करीब 1 लाख की ठगी, फर्जी डिलीवरी एजेंटों ने बनाया शिकार

बिलासपुर। ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान थोड़ी सी लापरवाही किस तरह बड़ी आर्थिक ठगी में बदल सकती है, इसका मामला बिलासपुर से सामने आया है। सिरगिट्टी क्षेत्र में रहने वाली एक नर्सिंग स्टाफ ने ऑनलाइन साइट से करीब 500 रुपये की ड्रेस मंगाई थी। डिलीवरी के नाम पर साइबर ठगों ने उसे अलग-अलग बहाने से अपने जाल में फंसाया और करीब एक लाख रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। ड्रेस नहीं पहुंचने के बाद पीड़िता को ठगी का एहसास हुआ। इस मामले की जानकारी स्थानीय रिपोर्ट में भी सामने आई है।

डिलीवरी के नाम पर शुरू हुआ ठगी का खेल
बताया जा रहा है कि ऑनलाइन ऑर्डर के बाद नर्स के पास डिलीवरी से जुड़े लोगों के नाम पर संपर्क किया गया। ठगों ने डिलीवरी से संबंधित अलग-अलग समस्याएं बताकर उसे भरोसे में लिया। इसके बाद कभी भुगतान, कभी ऑर्डर और कभी अन्य प्रक्रिया के नाम पर रकम ट्रांसफर कराई गई।
शुरुआत में रकम छोटी होने के कारण पीड़िता को किसी बड़े फ्रॉड का अंदेशा नहीं हुआ। लेकिन अलग-अलग बहानों से लगातार पैसे मांगे जाने के बाद भी जब ड्रेस की डिलीवरी नहीं हुई, तब उसे पूरे मामले पर संदेह हुआ।
करीब एक लाख रुपये गंवाने के बाद हुआ ठगी का एहसास
साइबर जालसाजों के झांसे में आकर नर्स ने करीब एक लाख रुपये अलग-अलग खातों में भेज दिए। जब भुगतान करने के बावजूद ऑर्डर नहीं मिला और डिलीवरी भी नहीं हुई, तब उसे समझ आया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुकी है।
यह मामला ऑनलाइन खरीदारी के दौरान किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग जानकारी या पैसे साझा करने के जोखिम को भी सामने लाता है।
ऑनलाइन शॉपिंग में रहें सतर्क
साइबर ठगी के ऐसे मामलों में ठग अक्सर डिलीवरी एजेंट, कस्टमर केयर कर्मचारी या कंपनी के प्रतिनिधि बनकर लोगों से संपर्क करते हैं। किसी भी ऑनलाइन ऑर्डर के लिए अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक करने या उसके बताए खाते में पैसे भेजने से पहले पूरी जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।
ऑनलाइन खरीदारी करते समय OTP, UPI PIN, बैंकिंग पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति डिलीवरी के नाम पर बार-बार भुगतान करने का दबाव बनाए, तो आधिकारिक ऐप या वेबसाइट के माध्यम से ऑर्डर की स्थिति जांचना ज्यादा सुरक्षित है।






