बिलासपुर: न्यायधानी के कोनी थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ दहेज के लोभी दो सगे भाइयों ने अपनी ही पत्नियों पर तलवार से जानलेवा हमला कर दिया। घायल महिलाएं भी आपस में सगी बहनें हैं। इस गंभीर वारदात के बाद जब पीड़िताएं लहूलुहान हालत में थाने पहुँचीं, तो पुलिस की संवेदनहीनता ने घावों पर नमक छिड़कने का काम किया। कोनी पुलिस ने इसे 'पुराना विवाद' बताकर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें थाने से टरका दिया।
घटना ग्राम करही की है, जहाँ पायल और अंजना लोनिया का विवाह दो सगे भाइयों के साथ हुआ था। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर दोनों बहनों को प्रताड़ित कर रहा था। विवाद के दौरान दोनों पतियों ने हैवानियत की हदें पार करते हुए तलवार निकाली और अपनी पत्नियों पर वार कर दिया। इस हमले में दोनों बहनें गंभीर रूप से घायल हो गईं।
थाने से न्याय न मिलने पर पीड़िताएं बिलासपुर एसएसपी (SSP) के पास पहुँचीं और आपबीती सुनाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने कोनी पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है और तत्काल जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। एसएसपी के हस्तक्षेप के बाद अब मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की कार्यशैली और समाज में गहरी पैठ बना चुकी दहेज प्रथा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।







