छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खोंगसरा से शिक्षा विभाग को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है। स्कूल में आयोजित महत्वपूर्ण परीक्षा के दौरान शिक्षकों की घोर लापरवाही देखने को मिली। नियमों के मुताबिक परीक्षा के सफल संचालन के लिए यहाँ 4 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि परीक्षा के समय केंद्र पर केवल एक ही शिक्षक उपस्थित मिले। बाकी के तीन शिक्षक बिना किसी पूर्व सूचना के नदारद रहे, जिससे परीक्षा की व्यवस्था चरमरा गई।
अकेले शिक्षक के भरोसे पूरी परीक्षा
केंद्र पर केवल एक शिक्षक की मौजूदगी के कारण परीक्षा की शुचिता और व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। अकेले शिक्षक के लिए सभी छात्रों पर नजर रखना और परीक्षा की औपचारिकताएं पूरी करना लगभग असंभव साबित हो रहा था। इस अव्यवस्था की खबर जब स्थानीय प्रशासन तक पहुंची, तो हड़कंप मच गया। ग्रामीणों और अभिभावकों ने भी इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया है।
SDM ने लिया संज्ञान, होगी कड़ी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुविभागीय अधिकारी (SDM) ने तत्काल हस्तक्षेप किया है। एसडीएम ने इस मामले को अनुशासनहीनता का बड़ा मामला मानते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जो शिक्षक अपनी ड्यूटी से गायब थे, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या शिक्षकों ने जानबूझकर ड्यूटी से दूरी बनाई या इसके पीछे कोई और कारण था। दोषी पाए जाने पर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग की साख पर सवाल
खोंगसरा स्कूल की इस घटना ने जिला शिक्षा विभाग की मॉनिटरिंग प्रणाली पर भी सवालिया निशान लगा दिया है। परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण समय में शिक्षकों का इस तरह अनुपस्थित रहना प्रशासनिक ढिलाई को दर्शाता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन की इस जांच के बाद क्या भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लग पाएगी। फिलहाल, इस कार्रवाई के बाद से अन्य शिक्षण संस्थानों में भी हड़कंप का माहौल है और अधिकारी परीक्षा केंद्रों के औचक निरीक्षण की तैयारी कर रहे हैं।








