बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर और इसके आसपास के अंचलों में 16 जुलाई की रात से शुरू हुई रिकॉर्ड तोड़ मूसलाधार बारिश ने तबाही मचा दी है। इस भारी बारिश ने नगर पालिक निगम के मानसून पूर्व तैयारियों और जल निकासी के बड़े-बड़े दावों की पूरी तरह से हवा निकाल दी है। लगातार हो रहे डाउनपोर (तेज बारिश) के कारण शहर के तमाम रिहायशी इलाके, पॉश कॉलोनियां और मुख्य मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं, जिससे शहर में बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए हैं।
रेलवे स्टेशन पर डूबी पटरियां, घरों में घुसा पानी
बारिश का सबसे बड़ा असर बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर देखने को मिला, जहां रेलवे ट्रैक पानी में पूरी तरह डूब गए हैं। इसके चलते ट्रेनों के परिचालन और यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
रिहायशी इलाकों का बुरा हाल: शहर के निचले इलाकों के साथ-साथ कई मुख्य मार्गों और लोगों के घरों के भीतर तक पानी घुस गया है, जिससे घरेलू सामानों को भारी नुकसान पहुंचा है।
घुटनों तक भरा पानी: कई सरकारी और निजी स्कूलों के कमरों तथा खेल मैदानों में घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया है।
सड़कें तालाब में तब्दील हो चुकी हैं और जलभराव के कारण जगह-जगह गाड़ियां बंद होने से भारी जाम की स्थिति बन गई है।
प्रशासन अलर्ट, सुरक्षा के लिए उठाए कदम
स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में जलभराव की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों में एहतियातन छुट्टी के निर्देश दिए हैं। निगम और आपदा प्रबंधन की टीमें प्रभावित इलाकों से पानी निकालने और फंसे हुए लोगों को राहत पहुंचाने के काम में जुट गई हैं। मौसम विभाग ने आगे भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसे देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


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