बिलासपुर। शहर में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ा गई है। अमृत मिशन के तहत संचालित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में आई तकनीकी खराबी के कारण नलों से पानी की आपूर्ति बंद हो गई है। इसका सीधा असर शहर के लगभग 40 हजार घरों पर पड़ा है, जहां लोग मजबूरी में पानी टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि मुख्य जल संयंत्र में वाल्व और पाइपलाइन सिस्टम में खराबी आने से सप्लाई अचानक रोकनी पड़ी। इसके बाद पूरे शहर में हड़कंप मच गया। सुबह होते ही लोग बाल्टी, ड्रम और केन लेकर पानी की तलाश में निकल पड़े।
टैंकरों से हो रही अस्थायी व्यवस्था
नगर निगम ने हालात को संभालने के लिए आपातकालीन व्यवस्था करते हुए विभिन्न इलाकों में पानी टैंकर भेजे हैं, लेकिन मांग के मुकाबले आपूर्ति नाकाफी साबित हो रही है। कई मोहल्लों में टैंकर देर से पहुंचने पर विवाद की स्थिति भी बन रही है।
इन इलाकों में ज्यादा परेशानी
सरकंडा, जरहाभाठा, तिलापारा, तोरवा और आसपास के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में पानी की समस्या सबसे ज्यादा देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि बिना पूर्व सूचना सप्लाई बंद कर दी गई, जिससे रोजमर्रा के कामकाज ठप हो गए हैं।
नागरिकों में नाराजगी
पानी संकट से परेशान नागरिकों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद अमृत मिशन की व्यवस्था बार-बार फेल हो रही है।
जल्द सुधार का दावा
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी खामी को दूर करने का काम जारी है और जल्द ही जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी। फिलहाल टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।








