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बिलासपुर पुलिस का बड़ा एक्शन: 'डिजिटल अरेस्ट' कर 57 लाख ठगने वाला अंतर्राज्यीय ठग यूपी से गिरफ्तार; मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर दी थी धमकी...

Chhattisgarh RRT News Desk 30 December 2025

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बिलासपुर: छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में साइबर ठगी के एक बड़े हाई-प्रोफाइल मामले का खुलासा हुआ है। रेंज साइबर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में दबिश देकर एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर बिलासपुर के एक नागरिक से 57 लाख रुपये की ठगी की थी। आरोपी की पहचान मनिंदर सिंह के रूप में हुई है, जिससे पूछताछ में बड़े साइबर सिंडिकेट के खुलासे की उम्मीद है।

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केस स्टडी: कैसे बनाया 'डिजिटल अरेस्ट' का शिकार?

सिविल लाइन थाना क्षेत्र के निवासी पीड़ित के पास एक अज्ञात कॉल आया था। कॉलर ने खुद को केंद्रीय जांच एजेंसी का बड़ा अधिकारी बताते हुए पीड़ित पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया।

भय का माहौल: ठग ने दावा किया कि पीड़ित का नाम एक गंभीर मनी लॉन्ड्रिंग केस में आया है और उसके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी होने वाला है।

डिजिटल अरेस्ट: 'डिजिटल अरेस्ट' की धमकी देकर पीड़ित को घंटों वीडियो कॉल पर बांधे रखा गया और किसी को भी इस बारे में न बताने के लिए मजबूर किया गया।

लाखों की चपत: कानूनी कार्रवाई से बचने और केस रफा-दफा करने के नाम पर ठगों ने पीड़ित से अलग-अलग किस्तों में कुल 57 लाख रुपये अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए।

बुलंदशहर तक पहुँची बिलासपुर पुलिस की टीम

लगातार पैसों की मांग से तंग आकर जब पीड़ित ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई, तब एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए रेंज साइबर पुलिस की एक विशेष टीम गठित की।

तकनीकी सुराग: पुलिस ने उन बैंक खातों की ट्रेल खंगाली जिनमें पैसा जमा हुआ था। खातों के डिजिटल फुटप्रिंट्स पुलिस को यूपी के बुलंदशहर तक ले गए।

सटीक कार्रवाई: स्थानीय पुलिस के सहयोग से टीम ने मनिंदर सिंह को घेराबंदी कर दबोच लिया। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाया गया है।

एसएसपी की अपील: घबराएं नहीं, पुलिस को बताएं

बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने आम जनता को सचेत करते हुए कहा है कि:

"कोई भी सरकारी या जांच एजेंसी फोन कॉल पर 'डिजिटल अरेस्ट' नहीं करती और न ही पैसे की मांग करती है। यदि कोई खुद को अधिकारी बताकर डराए, तो घबराएं नहीं। तुरंत 1930 (साइबर हेल्पलाइन) पर कॉल करें या नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें।"

वर्तमान स्थिति: पुलिस अब मनिंदर सिंह के मोबाइल और बैंक रिकॉर्ड्स के जरिए इस गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस गिरफ्तारी से देश के अन्य हिस्सों में हुई ठगी के मामले भी सुलझ सकेंगे।

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