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Bilaspur News: बिलासपुर में बड़ा फर्जीवाड़ा! बिना कागज जांचे सिटी मजिस्ट्रेट ने दे दी सरकारी भवन तोड़ने की परमिशन, आरोपी पर FIR दर्ज

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से प्रशासनिक लापरवाही और धोखाधड़ी का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के नेहरू नगर इलाके में छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) द्वारा आम जनता के सार्वजनिक उपयोग के लिए बनाए गए एक सामुदायिक भवन को जमींदोज करने का आदेश जारी हो गया। चौंकाने वाली बात यह है कि सिटी मजिस्ट्रेट ने बिना किसी ठोस भूमि दस्तावेजों और कागजातों की बारीकी से जांच किए ही इस सरकारी भवन को तोड़ने की अनुमति दे दी, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

80 साल पुराना जर्जर मकान बताकर ली अनुमति
पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब आरोपी ने इस सरकारी संपत्ति को अपनी निजी संपत्ति घोषित कर दिया। आरोपी ने बड़ी चालाकी से सिटी मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया और दावा किया कि यह सरकारी सामुदायिक भवन वास्तव में उसका अपना 80 साल पुराना निजी और जर्जर मकान है, जो कभी भी गिर सकता है। आरोपी के इस झूठे दावे और झांसे में आकर सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय ने बिना मौके का मुआयना किए या हाउसिंग बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मांगे, भवन को ढहाने की परमिशन लेटर जारी कर दिया।
मामले का भंडाफोड़ और आरोपी पर FIR दर्ज
सरकारी भवन को तोड़ने की अनुमति मिलने की भनक लगते ही विभाग और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। जांच में आरोपी का झूठ बेनकाब होते ही तुरंत कार्रवाई की गई है। प्रशासनिक नियमों को ताक पर रखकर धोखाधड़ी करने वाले इस शातिर आरोपी के खिलाफ पुलिस में नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। वहीं दूसरी ओर, बिना जांच-पड़ताल किए इतनी बड़ी लापरवाही बरतने के मामले में सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय की भूमिका को लेकर भी विभागीय स्तर पर जांच और जवाब-तलब की तैयारी की जा रही है।







