Bilashpur News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में 'बर्ड फ्लू' (H5N1) ने दस्तक दे दी है, जिससे पोल्ट्री व्यवसाय और आम जनता में हड़कंप मच गया है। जिले के बसिया, खैरा और अकलतरी गांवों में पिछले कुछ दिनों के भीतर सैकड़ों मुर्गियों की अचानक और रहस्यमयी मौत हो गई है। पशुपालन विभाग की शुरुआती जांच और सैंपलिंग में बर्ड फ्लू के लक्षण मिलने के बाद प्रशासन ने प्रभावित इलाकों को 'डेंजर ज़ोन' घोषित कर दिया है। मुर्गियों के इस तरह सामूहिक रूप से दम तोड़ने ने ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से बसिया और आसपास के क्षेत्रों में चिकन और अंडों की बिक्री पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। पशु चिकित्सा विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर मृत पक्षियों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण (Culling) कर रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए संक्रमित पोल्ट्री फार्मों के एक किलोमीटर के दायरे में मौजूद सभी पक्षियों को नष्ट करना अनिवार्य है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मरे हुए पक्षियों के सीधे संपर्क में आने से बचें।
बिलासपुर कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। खैरा और अकलतरी जैसे प्रभावित गांवों में सैनिटाइजेशन का काम युद्ध स्तर पर जारी है। साथ ही, इंसानों में संक्रमण के लक्षण (जैसे सर्दी-जुकाम और तेज बुखार) की निगरानी के लिए मेडिकल कैंप लगाए जा रहे हैं। पोल्ट्री फार्म संचालकों को भारी आर्थिक नुकसान का डर सता रहा है, जिसके लिए उन्होंने शासन से मुआवजे की गुहार लगाई है।
फिलहाल, भोपाल की लैब से अंतिम रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन सावधानी के तौर पर पूरे जिले में 'हाई अलर्ट' जारी है। जानकारों का कहना है कि यह वायरस प्रवासी पक्षियों के माध्यम से स्थानीय मुर्गियों तक पहुँचा हो सकता है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगले आदेश तक प्रभावित क्षेत्रों से पक्षियों का परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे पूरी तरह पका हुआ मांस ही खाएं और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।

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