छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने शनिवार (24 जनवरी 2026) को एक बड़े तलाशी अभियान के दौरान नक्सलियों के घातक मंसूबों पर पानी फेर दिया। सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी कि नक्सली गणतंत्र दिवस के आसपास किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। इसी इनपुट के आधार पर डीआरजी (DRG), जिला बल और सीआरपीएफ की 22वीं बटालियन की संयुक्त टीम ने मददेड़ थाना क्षेत्र में सर्चिंग शुरू की थी।
जमीन के नीचे छिपा था बारूद का जखीरा
तलाशी के दौरान बंदेपारा और नीलमड़गु के बीच घने जंगलों में सुरक्षाबलों ने जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए स्टील कंटेनर और प्लास्टिक की बाल्टियां बरामद कीं। इनमें भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भरी हुई थी। सुरक्षाबलों ने मौके से 784 जिलेटिन की छड़ें (लगभग 100 किलोग्राम), 01 किलो गन पाउडर और 03 बंडल कार्डेक्स वायर बरामद किए हैं। इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक एक साथ मिलना क्षेत्र में नक्सलियों की सक्रियता और बड़े हमले की तैयारी की ओर इशारा करता है।
बीयर की बोतलों में बने 16 प्रेशर आईईडी
जवानों को पगडंडी के किनारे 16 प्रेशर आईईडी (IED) भी मिले, जिन्हें नक्सलियों ने चालाकी से बीयर की बोतलों में फिट कर जमीन के अंदर लगाया था। ये बम इस तरह लगाए गए थे कि जवानों के पैर पड़ते ही उनमें जोरदार धमाका हो। सुरक्षाबलों के बम निरोधक दस्ते (BDS) ने सूझबूझ का परिचय देते हुए सभी 16 बमों को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
अन्य सामग्री की भी बरामदगी
विस्फोटकों के अलावा, सुरक्षाबलों ने नक्सलियों का अन्य साजो-सामान भी जब्त किया है। इसमें 350 मीटर काली वर्दी का कपड़ा, माओवादी साहित्य, 04 वॉकी-टॉकी चार्जर, 04 बैटरी, 02 मोबाइल चार्जर और रोजमर्रा की जरूरत का सामान (जैसे तेल, साबुन और बर्तन) शामिल हैं। यह बरामदगी दर्शाती है कि नक्सली इस क्षेत्र में लंबे समय तक रुकने और कैंप स्थापित करने की योजना बना रहे थे।
सुरक्षाबलों का मनोबल ऊंचा
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक और बीजापुर एसपी ने इस सफलता के लिए जवानों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी से पहले इस तरह की रिकवरी सुरक्षाबलों के लिए बड़ी मनोवैज्ञानिक जीत है। क्षेत्र में सर्चिंग अभियान और तेज कर दिया गया है ताकि गणतंत्र दिवस समारोहों के दौरान शांति व्यवस्था बनी रहे। पुलिस का मानना है कि इस जखीरे के मिलने से नक्सलियों की सप्लाई लाइन और रसद नेटवर्क को गहरा धक्का लगा है।








