छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने माओवादियों के एक बड़े हमले की योजना को विफल कर दिया है। शनिवार (24 जनवरी, 2026) को मद्देड़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत बंदेपारा और नीलमड़गु के बीच घने जंगलों में चलाए गए एक संयुक्त सर्च अभियान के दौरान जवानों को भारी मात्रा में विस्फोटक और IED बरामद करने में सफलता मिली।
बियर की बोतलों में छिपा था 'मौत का जाल'
इस बरामदगी में सबसे हैरान करने वाली बात माओवादियों द्वारा विस्फोटक छिपाने का तरीका था। सुरक्षाबलों को पगडंडी के किनारे बियर की 16 बोतलों में प्लांट किए गए प्रेशर आईईडी (IED) मिले। नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए इन बोतलों को जमीन के नीचे इस तरह दबाया था कि पैर पड़ते ही जोरदार धमाका हो। इसके अलावा मौके से भारी मात्रा में अन्य विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है।
बम निरोधक दस्ते ने किया निष्क्रिय
खतरे की सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ते (BDS) को मौके पर बुलाया गया। जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए सभी 16 प्रेशर आईईडी को पगडंडी से सुरक्षित बाहर निकाला और जंगल में ही नियंत्रित विस्फोट के जरिए उन्हें नष्ट कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, यदि समय रहते इन बमों का पता नहीं चलता, तो सुरक्षाबलों या स्थानीय ग्रामीणों को जान-माल का भारी नुकसान हो सकता था।
गणतंत्र दिवस से पहले सतर्कता तेज
आगामी गणतंत्र दिवस को देखते हुए पूरे बस्तर संभाग में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जिला बल, डीआरजी (DRG), एसटीएफ (STF) और कोबरा कमांडो की संयुक्त टीमें लगातार अंदरूनी इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। पुलिस का मानना है कि गणतंत्र दिवस समारोह में खलल डालने के इरादे से माओवादियों ने ये विस्फोटक प्लांट किए थे, लेकिन जवानों की मुस्तैदी ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
इलाके में बढ़ाया गया घेराव
इस बड़ी कामयाबी के बाद सुरक्षाबलों ने संबंधित जंगली इलाके की घेराबंदी और तेज कर दी है। एसपी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, आसपास के गांवों और पगडंडियों पर डी-माइनिंग (बम खोजने का अभियान) जारी है। पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे जंगलों में किसी भी संदिग्ध वस्तु को हाथ न लगाएं और तुरंत सुरक्षा कैंप या नजदीकी थाने में इसकी सूचना दें।








