बीजापुर: छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों ने माओवादियों के एक बड़े हमले की साजिश को विफल कर दिया है। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चलाए गए 'एरिया डोमिनेशन' और 'डिमाइनिंग ऑपरेशन' के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सलियों द्वारा जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए विस्फोटक डंप और कई घातक आईईडी (IED) बरामद किए हैं। इस कार्रवाई से सुरक्षा बलों को नुकसान पहुँचाने की नक्सलियों की योजना धरी की धरी रह गई।
ताजा जानकारी के अनुसार, भोपालपट्टनम और कोंडापड़गु के जंगली इलाकों में सीआरपीएफ (CRPF) 214 बटालियन और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम सर्चिंग पर निकली थी। इसी दौरान बीयर की बोतलों में प्लांट किए गए दो शक्तिशाली आईईडी बरामद किए गए। इसके साथ ही, अन्य क्षेत्रों से भी जमीन में गाड़कर रखे गए नक्सली डंप मिले हैं, जिनमें भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, जिलेटिन स्टिक्स, बिजली के तार और माओवादी साहित्य शामिल हैं। बम निरोधक दस्ते (BDS) ने मौके पर ही आईईडी को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया।
सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में नक्सलियों ने इसी क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने की कोशिश की थी। बस्तर संभाग के आईजी और बीजापुर एसपी के निर्देश पर चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत न केवल विस्फोटक बरामद किए जा रहे हैं, बल्कि नक्सलियों द्वारा स्थापित किए गए अवैध स्मारकों को भी ध्वस्त किया जा रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए सुरक्षा बल अब 'फॉरवर्ड कैंप्स' के जरिए अंदरूनी इलाकों में पैठ बना रहे हैं। बीजापुर में लगातार मिल रही इन सफलताओं ने माओवादियों के सप्लाई नेटवर्क और उनके कैडर के मनोबल को तगड़ा झटका दिया है। क्षेत्र में शांति और विकास सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बलों का सर्चिंग अभियान अभी भी सघन रूप से जारी है।








