थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा पर भड़के भीषण संघर्ष पर आखिरकार विराम लगता दिख रहा है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देश एक बार फिर संघर्ष विराम (सीजफायर) के लिए सहमत हो गए हैं। बीते कुछ दिनों में दोनों एशियाई देशों के बीच रॉकेट और तोपों से भारी हमले हुए थे, जिसमें दर्जनों नागरिक मारे गए और हजारों लोगों को विस्थापित होना पड़ा। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए थे कि एक बड़े और व्यापक युद्ध की आशंका जताई जा रही थी।
हिल 677 पर रॉकेट दागे जाने से बढ़ा था तनाव
यह नवीनतम लड़ाई एक बम धमाके में आम नागरिकों की मौत और घायल होने के बाद शुरू हुई थी, जिसे ट्रंप ने एक दुर्भाग्यपूर्ण 'हादसा' बताया। तनाव उस समय चरम पर पहुंच गया जब शुक्रवार को भी कंबोडियाई सैनिकों ने थाईलैंड के हिल 677 की ओर बीएम-21 मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर दागे थे, जिसका निशाना प्रेह विहार प्रांत के नागरिक क्षेत्र थे। इस हिंसक आदान-प्रदान के कारण क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई थीं, लेकिन अब ट्रंप की मध्यस्थता से शांति की उम्मीद जगी है।
ट्रंप ने खुद की दोनों प्रधानमंत्रियों से बात: शांति समझौते की वापसी
डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इस सफलता की घोषणा की। उन्होंने बताया कि थाईलैंड और कंबोडिया ने शुक्रवार शाम से हर तरह की गोलीबारी रोकने पर सहमति दे दी है और वे उसी शांति समझौते पर लौट रहे हैं, जिस पर पहले मलेशिया की मध्यस्थता और उनके प्रयासों से सहमति बनी थी। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने थाई प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल और कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेत से सीधे बात की। उन्होंने संघर्षों को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया और अपनी कोशिशों से संभावित युद्ध टलने पर गर्व व्यक्त किया।
मलेशियाई पीएम का धन्यवाद: पहले भी हुई थी मध्यस्थता
ट्रंप ने इस शांति प्रक्रिया में पहले भी मध्यस्थता करने के लिए मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम का भी आभार व्यक्त किया। इससे पहले, जुलाई में भी दोनों देशों के बीच संघर्ष के बाद सीजफायर हुआ था, जिसे अक्टूबर में मलेशिया में औपचारिक रूप दिया गया था। ताजा संकट में ट्रंप की सीधी भागीदारी को दोनों देशों के बीच संबंधों को स्थिर करने और क्षेत्रीय अस्थिरता को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारत की गहरी चिंता: प्रीह विहार धरोहर स्थल को खतरा
इस बीच, थाईलैंड और कंबोडिया के बीच जारी सीमा संघर्ष के दौरान विश्व धरोहर स्थल प्रीह विहार के संरक्षण केंद्र को हुए नुकसान की खबरों पर भारत ने गहरी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को होने वाली किसी भी प्रकार की क्षति 'दुर्भाग्यपूर्ण' और 'चिंता का विषय' है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने दोनों देशों से संयम बरतने, तनाव को बढ़ने से रोकने और संवाद के रास्ते पर लौटने की अपील की, ताकि यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल, जो मानवता की साझा विरासत है, को सुरक्षित रखा जा सके।








