Breaking
- Raipur Social Media Case: महापौर से जुड़े आपत्तिजनक वीडियो मामले में सोमा देव...
- Raipur Teacher Protest: टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों का तुता मैदान में सत्याग्रह, ...
- Raigarh Farmer Success: बंजर जमीन पर ग्राफ्टेड खेती ने बदली तस्वीर, टमाटर-बैं...
- GPM Mineral Action News: सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर बड़ी कार्रवाई, अवैध रेत-...
- Lokrang Parv: 6 से 8 सितंबर तक लोकधुनों और लोकगाथाओं से सजेगा मुक्ताकाशी मंच
- Dhamtari Kurud News: ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों का आयुक्त तारन प्रकाश स...
- Teacher Award News: शिक्षक दिवस पर 21 उत्कृष्ट शिक्षक सम्मानित, रामविचार नेता...
- Development News: 260 गांवों में विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार, शिक्षा और बु...
- Kawardha Janmashtami News: उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने राधा-कृष्ण मंदिर में क...
- Raipur Mayor News: महापौर मीनल चौबे पर कथित अभद्र टिप्पणी करने वाला युवक गिरफ...
BIG NEWS : 1 फरवरी से सिगरेट–तंबाकू होंगे और महंगे

BIG NEWS : नए साल की शुरुआत में केंद्र सरकार ने सिगरेट समेत सभी तंबाकू उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी लगाने का बड़ा फैसला लिया है, जो 1 फरवरी 2026 से लागू होगा। इसका सीधा असर इन उत्पादों की कीमतों पर पड़ेगा।

सरकार के फैसले के तहत अब सिगरेट पर वस्तु एवं सेवा कर (GST) के अलावा एक्साइज ड्यूटी भी वसूली जाएगी। अलग-अलग श्रेणी की सिगरेट पर प्रति 1,000 स्टिक 2,050 रुपये से लेकर 8,500 रुपये तक एक्साइज ड्यूटी तय की गई है। ऐसे में हर सिगरेट के दाम बढ़ना तय माना जा रहा है।
इतना ही नहीं, पान मसाला पर भी अब हेल्थ एंड नेशनल सिक्योरिटी सेस लगाया जाएगा। अभी तक तंबाकू उत्पाद 40 प्रतिशत GST और कंपेनसेशन सेस के दायरे में थे, लेकिन अब कंपेनसेशन सेस की जगह एक्साइज ड्यूटी लागू की जा रही है। वहीं बीड़ी पर पहले की तरह 18 प्रतिशत GST ही लगेगा।
सरकार के इस फैसले का असर देश की बड़ी आबादी पर पड़ेगा, क्योंकि अनुमान के मुताबिक भारत में करीब 10 करोड़ लोग सिगरेट का सेवन करते हैं। वित्त मंत्रालय ने इस संबंध में चुइंग टोबैको, जर्दा, सेंटेड टोबैको और गुटखा पैकिंग मशीन से जुड़े नए नियमों को अधिसूचित किया है।
अधिसूचना जारी होते ही तंबाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनियों के शेयर बाजार में असर देखने को मिला। गॉडफ्रे फिलिप्स और आईटीसी जैसी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
टोबैको इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के अनुसार, सरकार फिलहाल तंबाकू और उससे जुड़े उत्पादों से सालाना करीब 76 हजार करोड़ रुपये का टैक्स जुटाती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मानकों के मुताबिक सिगरेट की खुदरा कीमत में 75 प्रतिशत टैक्स होना चाहिए, जबकि भारत में यह फिलहाल करीब 53 प्रतिशत है। सरकार का यह कदम टैक्स हिस्सेदारी बढ़ाने और तंबाकू सेवन को हतोत्साहित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।







