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छत्तीसगढ़ में 'चमत्कार' पर सियासी संग्राम: भूपेश बघेल का बड़ा हमला- "पैसा बटोरने आते हैं शास्त्री, अगर दरबार में इलाज हो रहा तो बंद कर दें अस्पताल"

Political RRT News Desk 28 December 2025

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रायपुर। बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के रायपुर दौरे ने छत्तीसगढ़ की सियासत में उबाल ला दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शास्त्री के 'दिव्य दरबार' और उनके दावों पर सीधा हमला बोलते हुए इसे अंधविश्वास और व्यापार से जोड़ दिया है। बघेल ने न केवल शास्त्री की मंशा पर सवाल उठाए, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था और विज्ञान की दुहाई देते हुए सरकार को भी घेरा है।

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भूपेश बघेल ने तीखे लहजे में कहा कि धीरेंद्र शास्त्री जैसे लोग छत्तीसगढ़ केवल "पैसा बटोरने" के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि यहाँ के लोग सरल और भोले हैं, जिनका फायदा उठाकर भीड़ जुटाई जाती है और चढ़ावे के नाम पर बड़ी राशि एकत्र की जाती है।

"अस्पताल और मेडिकल कॉलेज किसलिए?"

बघेल ने तर्क दिया कि यदि दिव्य दरबार में पर्चियां निकालकर और आशीर्वाद देकर बीमारियां ठीक की जा रही हैं, तो फिर छत्तीसगढ़ में करोड़ों की लागत से बन रहे मेडिकल कॉलेजों और सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों का क्या औचित्य है? उन्होंने सवाल किया, "क्या सरकार को अब स्वास्थ्य बजट बंद कर देना चाहिए? अगर चमत्कार ही इलाज है, तो फिर डॉक्टरों और वैज्ञानिकों की मेहनत का क्या मूल्य रह जाता है?"

बघेल के हमले के मुख्य बिंदु:

अंधविश्वास का आरोप: बघेल ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज में वैज्ञानिक सोच (Scientific Temper) के बजाय अंधविश्वास को बढ़ावा मिल रहा है।

सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग: पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि राज्य की भाजपा सरकार एक विशेष धार्मिक आयोजन के लिए सरकारी संसाधनों और वीआईपी सुरक्षा का बेजा इस्तेमाल कर रही है।

टारगेटेड विजिट: बघेल ने पूछा कि आखिर शास्त्री बार-बार उन्हीं राज्यों का रुख क्यों करते हैं जहाँ चुनाव करीब होते हैं या जहाँ से उन्हें बड़ा आर्थिक समर्थन मिलता है।

भाजपा का पलटवार: "बघेल की हिंदू विरोधी मानसिकता"

भूपेश बघेल के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने आक्रामक प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेताओं का कहना है कि बघेल हार की हताशा में अब संतों और करोड़ों लोगों की आस्था का अपमान कर रहे हैं। भाजपा का तर्क है कि धीरेंद्र शास्त्री सनातन धर्म का प्रचार कर रहे हैं और जो लोग वहां जा रहे हैं, वे अपनी स्वेच्छा से जा रहे हैं।

विवाद की पृष्ठभूमि

यह विवाद तब और गहरा गया जब धीरेंद्र शास्त्री ने पत्रकारों को लेकर विवादित टिप्पणी की और अब बघेल ने उनके पूरे आधार पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। रायपुर में चल रहे इस 'दिव्य दरबार' ने शहर को दो वैचारिक गुटों में बांट दिया है—एक जो इसे आस्था मान रहा है और दूसरा जो इसे तर्क और विज्ञान की कसौटी पर कस रहा है।

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