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Coal Mine Debate: भूपेश बघेल ने CM साय को दी खुली बहस की चुनौती, साय बोले- सरकार के तथ्य जनता के सामने आ रहे हैं

Political 17 September 2026

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रायपुर, 17 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में कोल माइंस की मंजूरी और नीलामी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को इस मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दी है। बघेल ने कहा कि जिस तरह रायपुर प्रेस क्लब में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ खुली बहस हुई थी, उसी तरह खदानों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री साय के साथ भी आमने-सामने चर्चा होनी चाहिए। 

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प्रेस क्लब में बहस का दिया उदाहरण

भूपेश बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री मीडिया के सामने आकर खदानों से जुड़े फैसलों पर चर्चा करें। उनका कहना है कि सार्वजनिक बहस के दौरान दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट किया जा सकता है कि संबंधित खदानों को मंजूरी किस सरकार के कार्यकाल में मिली और किन स्तरों पर फैसले लिए गए। उन्होंने इसके लिए प्रेस क्लब में बहस करने का प्रस्ताव रखा है। 

सीएम साय ने दिया यह जवाब

भूपेश बघेल की चुनौती पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस विषय में सरकार की तरफ से जो भी तथ्य हैं, वे जनता के सामने आ रहे हैं। यानी सरकार की ओर से खदानों से जुड़े तथ्यों और फैसलों की जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने रखे जाने की बात मुख्यमंत्री ने कही है। 

तारा कोल ब्लॉक को लेकर जारी है राजनीतिक बहस

मामला विशेष रूप से तारा कोल ब्लॉक की स्वीकृति और नीलामी से जुड़ा है। इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। बघेल का कहना है कि उनके कार्यकाल में हसदेव-अरण्य क्षेत्र में नई कोयला खदानों के आवंटन और नीलामी का विरोध किया गया था। वहीं वर्तमान में कोल ब्लॉक की प्रक्रिया को लेकर दोनों पक्ष अपने-अपने रिकॉर्ड और फैसलों का हवाला दे रहे हैं। 

पीएम आवास के बाद अब खदान पर बहस की चुनौती

इससे पहले 15 सितंबर को रायपुर प्रेस क्लब में भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े आंकड़ों पर करीब 80 मिनट तक खुली बहस हुई थी। अब उसी बहस का उदाहरण देते हुए बघेल ने मुख्यमंत्री साय के साथ खदानों के मुद्दे पर सार्वजनिक चर्चा की मांग की है।

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