भिलाई: शहर में जालसाजों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे अब रिश्तों और धर्म की आड़ में लोगों की जमापूंजी डकार रहे हैं। भिलाई के एक दुकानदार के साथ ₹13.82 लाख की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को मुसीबत में बताकर और दुकानदार के परिवार की खुशहाली के लिए 'विशेष पूजा' कराने के नाम पर सोने के जेवर और नकदी लेकर रफूचक्कर हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
विश्वास जीतकर बिछाया जाल
पीड़ित दुकानदार के अनुसार, आरोपी से उसकी जान-पहचान कुछ समय पहले हुई थी। आरोपी ने पहले अपना भरोसा कायम किया और फिर अपनी मां की बीमारी का हवाला देकर इलाज के लिए मदद मांगी। दुकानदार ने इंसानियत के नाते उसकी मदद की, लेकिन ठग की नजर उसकी बड़ी रकम और जेवरों पर थी। धीरे-धीरे आरोपी ने उसे अपनी बातों में फंसाया और बताया कि उसके घर पर 'भारी दोष' है जिसे दूर करने के लिए बड़ी पूजा की जरूरत है।
जेवर और नकदी लेकर हुआ फरार
आरोपी ने पीड़ित को डराया कि यदि पूजा नहीं की गई, तो परिवार पर भारी विपत्ति आ सकती है। डर और विश्वास के कारण दुकानदार ने पूजा की सामग्री और विधि के नाम पर किश्तों में कुल ₹13.82 लाख (जिसमें नकदी और सोने के कीमती जेवर शामिल थे) आरोपी को सौंप दिए। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी न तो पूजा हुई और न ही आरोपी ने फोन उठाना शुरू किया, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।
पुलिस ने दर्ज की FIR, आरोपी की तलाश तेज
ठगी का शिकार होने के बाद पीड़ित ने दुर्ग पुलिस की शरण ली। भिलाई नगर थाने में आरोपी के खिलाफ धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की एक विशेष टीम आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। साथ ही उसके बैंक ट्रांजेक्शन और कॉल रिकॉर्ड्स (CDR) खंगाले जा रहे हैं ताकि उसकी लोकेशन का पता लगाया जा सके।
सावधान रहें: भावनाओं में आकर न करें आर्थिक लेनदेन
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ठग अक्सर लोगों की धार्मिक आस्था और पारिवारिक भावनाओं का फायदा उठाते हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि:
किसी भी अनजान या कम जान-पहचान वाले व्यक्ति को 'पूजा-पाठ' या 'इलाज' के नाम पर बड़ी रकम न दें।
बिना किसी पुख्ता प्रमाण के आर्थिक लेनदेन करने से बचें।
यदि कोई आपको 'ग्रह दोष' या 'बीमारी' का डर दिखाकर पैसे मांगे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।








