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भिलाई में ₹2400 करोड़ की ठगी: मास्टरमाइंड लवीश ओमान फरार, '9 दिन में पैसा डबल' का झांसा देकर डूबाए अरबों रुपये...

भिलाई और दुर्ग क्षेत्र में महादेव ऐप के बाद एक और विशाल ठगी का साम्राज्य सामने आया है। करीब 2400 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड लवीश ओमान भाग गया है, जबकि उसका सहयोगी चरण भिलाई में रहकर नेटवर्क संभाल रहा था। जांच में खुलासा हुआ है कि ईडी (ED) की दबिश और दबाव के बाद आरोपियों ने अपना पुराना ऐप 'ब्रॉड-ब्रो' (Broad-Bro) बंद कर दिया और 'डूफी' (Doofy) नाम से नया प्लेटफॉर्म शुरू किया। इस ऐप के जरिए लोगों को महज 9 दिनों में पैसा दोगुना करने का लालच दिया गया था।

निवेशकों के साथ धोखाधड़ी
ठगी का यह खेल इतना शातिर था कि शुरुआत में कुछ लोगों को मुनाफा दिखाकर भरोसे में लिया गया। जब निवेश की राशि अरबों में पहुँच गई, तो आरोपियों ने भुगतान रोक दिया। चरण नाम का आरोपी भिलाई में सक्रिय था और निवेशकों को यह कहकर डराता था कि ईडी की जांच चल रही है और खाते फ्रीज हो गए हैं। इस "ईडी प्रेशर" का बहाना बनाकर उसने करोड़ों रुपये दबा लिए। स्थानीय युवाओं को ऊंचे कमीशन का लालच देकर इस गिरोह में एजेंट के रूप में जोड़ा गया था।
मास्टरमाइंड लवीश का कनेक्शन
पुलिस और जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, मास्टरमाइंड लवीश ओमान (Oman) में बैठकर इस पूरे सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहा है। वह वहीं से ऐप के सर्वर और बैंकिंग ट्रांजेक्शन को कंट्रोल करता है। भिलाई में उसका नेटवर्क इतना मजबूत था कि शहर के कई बड़े कारोबारी और सफेदपोश लोग भी इस निवेश के लालच में फंस गए। लवीश के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं की तैयारी की जा रही है ताकि उसे भारत वापस लाया जा सके।
पुलिस और ईडी की कार्रवाई
इस मामले में ईडी की लगातार छापेमारी से हड़कंप मचा हुआ है। भिलाई के कई ठिकानों पर दी गई दबिश में डिजिटल सबूत और बेनामी संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं। 'डूफी' ऐप के जरिए हवाला और क्रिप्टो करेंसी में पैसे ट्रांसफर करने के भी संकेत मिले हैं। पुलिस ने आम जनता को आगाह किया है कि "9 दिन में पैसा डबल" करने वाले किसी भी अनधिकृत ऐप या स्कीम में निवेश न करें। फिलहाल, मुख्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।







