कोंडागांव। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर के तहत निर्माणाधीन 6-लेन भारतमाला सड़क उद्घाटन से पहले ही सवालों के घेरे में आ गई है। कोंडागांव जिले के सरगी-बासनवाही सेक्शन में सड़क के बीचों-बीच करीब 35 मीटर लंबी दरार दिखाई देने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। यह सड़क अभी आम लोगों के लिए शुरू भी नहीं की गई है।
करीब ₹4145 करोड़ की लागत से तैयार हो रही इस परियोजना को छत्तीसगढ़ की प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजनाओं में गिना जाता है। लेकिन सड़क पर आई दरार ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। उनका कहना है कि जब उद्घाटन से पहले ही सड़क में ऐसी खामियां सामने आ रही हैं, तो भारी वाहनों की आवाजाही शुरू होने के बाद इसकी स्थिति और खराब हो सकती है।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। प्रारंभिक तौर पर लगातार हो रही बारिश को इसकी एक वजह माना जा रहा है, वहीं सड़क की मरम्मत का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी परियोजना में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और पूरे मामले की तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए।
रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्देश्य छत्तीसगढ़ को आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम बंदरगाह से बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराना और माल परिवहन को तेज करना है। ऐसे में निर्माण शुरू होने से पहले ही सामने आई यह खामी परियोजना की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े कर रही है।







