नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार से ‘भारत टैक्सी’ की पायलट प्रोजेक्ट सेवा आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी गई है। यह एक महत्वपूर्ण कदम है जिसका उद्देश्य देश के कैब और टैक्सी ड्राइवरों को निजी राइड-हेलिंग कंपनियों पर निर्भरता से मुक्त कराना और कमीशन की कटौती पर रोक लगाना है। गुजरात में भी ड्राइवरों के पंजीकरण का काम तेजी से जारी है।
इस सहकारी मॉडल आधारित सेवा में कार, ऑटो और बाइक सभी तरह के वाहन शामिल होंगे। अब तक इस ऐप पर 51 हजार से अधिक ड्राइवर पंजीकृत हो चुके हैं। सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि सहकार टैक्सी कोआपरेटिव लिमिटेड की ओर से संचालित होने वाली यह सेवा दिसंबर से ही पूरे देश में शुरू होने की उम्मीद है। यह देश का पहला डिजिटल राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म होगा जो सहकारी मॉडल के तहत चलेगा।
‘भारत टैक्सी’ के प्रवर्तकों में देश की प्रमुख सहकारी संस्थाएं शामिल हैं, जिनमें अमूल, इफको, कृभको, नेफेड, एनडीडीबी, एनसीईएल, एनसीडीसी और नाबार्ड शामिल हैं। यह मजबूत समर्थन सुनिश्चित करता है कि इसका मुख्य उद्देश्य मुनाफ़ा कमाना नहीं, बल्कि ड्राइवरों और यात्रियों दोनों को लाभ पहुँचाना है। इस मॉडल के तहत ड्राइवर अपनी हर राइड से पूरी कमाई बिना किसी कटौती के प्राप्त करेंगे।
यात्रियों के लिए इस ऐप की प्रमुख विशेषताएँ इसे बेहद आकर्षक बनाती हैं। यह यूजर फ्रेंडली मोबाइल बुकिंग सिस्टम, पारदर्शी किराया, लाइव व्हीकल ट्रैकिंग, सुरक्षित और सत्यापित ड्राइवर ऑनबोर्डिंग के साथ-साथ बहुभाषी इंटरफेस सपोर्ट और 24 घंटे ग्राहक सेवा प्रदान करेगा। इसके अलावा, यात्रियों की सुविधा के लिए इस ऐप को दिल्ली मेट्रो सहित विभिन्न परिवहन सेवाओं से जोड़ा गया है, ताकि एकीकृत बुकिंग संभव हो सके।
सुरक्षा के पहलू पर विशेष ध्यान देते हुए, दिल्ली पुलिस के साथ साझेदारी के जरिये यात्रियों और ड्राइवरों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपाय किए गए हैं। कुल मिलाकर, 'भारत टैक्सी' का लॉन्च न केवल ड्राइवरों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाएगा, बल्कि दिल्ली सहित पूरे देश के यात्रियों को सस्ती और भरोसेमंद परिवहन सेवाएं भी प्रदान करेगा।








