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हेडलाइन: बांग्लादेश चुनाव 2026: तारिक़ रहमान की प्रचंड जीत और भारत के साथ रिश्तों का नया अध्याय

International RRT News Desk 14 February 2026

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बांग्लादेश के संसदीय चुनाव 2026 में तारिक़ रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने ऐतिहासिक बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है। 17 साल के लंबे निर्वासन के बाद वतन लौटे तारिक़ रहमान का प्रधानमंत्री बनना दक्षिण एशिया की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जीत पर उन्हें बधाई देते हुए एक लोकतांत्रिक और समावेशी बांग्लादेश के प्रति भारत के समर्थन को दोहराया है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि तारिक़ रहमान का प्रधानमंत्री बनना भारत के लिए एक व्यावहारिक विकल्प साबित हो सकता है। शेख हसीना के जाने के बाद पैदा हुई अस्थिरता को देखते हुए, भारत को बांग्लादेश में एक ऐसी मज़बूत और चुनी हुई सरकार की ज़रूरत है जो कट्टरपंथी ताकतों, विशेषकर जमात-ए-इस्लामी पर लगाम लगा सके। रहमान ने अपने चुनावी वादों में स्पष्ट किया है कि वे बांग्लादेश की धरती का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होने देंगे, जो भारत की सुरक्षा चिंताओं के लिहाज़ से सबसे महत्वपूर्ण है।

आर्थिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से भी यह बदलाव अहम है। तारिक़ रहमान ने अपनी विदेश नीति में संतुलन बनाने के संकेत दिए हैं। वे चीन पर अत्यधिक निर्भरता कम कर भारत और अमेरिका जैसे लोकतांत्रिक देशों के साथ संबंधों को मज़बूत करने के पक्षधर रहे हैं। तीस्ता जल विवाद और सीमा प्रबंधन जैसे पुराने मुद्दों पर भी अब एक नई और पारदर्शी बातचीत की उम्मीद जगी है। भारत के लिए एक स्थिर और लोकतांत्रिक पड़ोसी का होना क्षेत्र में शांति और विकास की गारंटी है।

अंततः, भारत और बांग्लादेश के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध हैं। तारिक़ रहमान के नेतृत्व में नई सरकार से यह उम्मीद की जा रही है कि वह न केवल अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि भारत के साथ 'नेबरहुड फर्स्ट' (पड़ोसी पहले) की नीति को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी। पीएम मोदी की ओर से दी गई त्वरित बधाई यह दर्शाती है कि नई दिल्ली अब पुरानी कड़वाहटों को पीछे छोड़कर एक नए 'विन-विन' सहयोग के लिए तैयार है।

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