RRT News- छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित बालको (BALCO) चिमनी हादसे के मामले में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। हादसे की जांच को प्रभावित करने के लिए आरोपी कंपनी GDCL के प्रबंधन द्वारा गवाहों को प्रभावित करने और साक्ष्यों को मिटाने की गंभीर साजिश रची जा रही थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक स्थानीय होटल में छापेमारी की, जहाँ कंपनी के नुमाइंदों ने केस के एक महत्वपूर्ण गवाह को बहला-फुसलाकर और डरा-धमकाकर छिपा कर रखा था। पुलिस ने मौके से आरोपी को गवाह के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
मिली जानकारी के अनुसार, बालको चिमनी हादसे की कानूनी प्रक्रिया को कमजोर करने के लिए कंपनी के अधिकारी गवाहों पर दबाव बना रहे थे। उन्हें प्रलोभन देकर शहर के एक निजी होटल में ठहराया गया था ताकि वे कोर्ट या पुलिस के सामने कंपनी के खिलाफ बयान न दे सकें। पुलिस को जैसे ही इसकी गुप्त सूचना मिली, टीम ने घेराबंदी कर होटल के कमरे में दबिश दी। इस कार्रवाई ने साबित कर दिया है कि कंपनी प्रशासन कानूनी फंदे से बचने के लिए किस हद तक अनैतिक हथकंडे अपना रहा था।
इस गिरफ्तारी के बाद कोरबा पुलिस अब कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। बालको चिमनी हादसा, जिसमें कई मजदूरों की जान गई थी, आज भी क्षेत्र के लोगों के लिए एक दुखद याद है। अब गवाह को प्रभावित करने की इस नई घटना ने मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और सुनिश्चित किया जाएगा कि गवाहों को पूरी सुरक्षा मिले ताकि वे बिना किसी डर के सच बता सकें।








