शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में युवाओं को सही दिशा दिखाने के उद्देश्य से बैतुलमाल कमेटी द्वारा एक विशेष मार्गदर्शन सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को बताया कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी युग में केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही समय पर सही पाठ्यक्रम और प्रतियोगी परीक्षाओं का चयन करना करियर की सफलता के लिए अनिवार्य है।
समिति के पदाधिकारियों और करियर विशेषज्ञों ने यूपीएससी (UPSC), एमपीपीएससी (MPPSC), बैंकिंग, रेलवे और अन्य सरकारी सेवाओं की तैयारी के लिए सटीक रणनीति साझा की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण और मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है, बस उन्हें सही संसाधनों और समयबद्ध तैयारी के तरीके (Time Management) की जानकारी होनी चाहिए।
मार्गदर्शन सत्र के दौरान आधुनिक और प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों (Professional Courses) पर भी विस्तार से चर्चा की गई। तकनीकी शिक्षा, डिजिटल मार्केटिंग, डेटा साइंस और मैनेजमेंट जैसे उभरते क्षेत्रों के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि कैसे छात्र अपनी रुचि के अनुसार इन क्षेत्रों में बेहतर भविष्य बना सकते हैं। कमेटी ने आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति और कोचिंग सहायता प्रदान करने के अपने संकल्प को भी दोहराया।
बैतुलमाल कमेटी के सदस्यों ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों पर अपनी इच्छाएं न थोपें, बल्कि उनकी नैसर्गिक प्रतिभा को पहचानकर उन्हें प्रोत्साहित करें। कार्यक्रम में सफल व्यक्तित्वों के उदाहरण दिए गए जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद कड़ी मेहनत से ऊंचे मुकाम हासिल किए। विशेषज्ञों ने 'सेल्फ स्टडी' और 'मेंटल हेल्थ' के महत्व पर भी प्रकाश डाला, जो लंबी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान छात्रों के लिए बहुत जरूरी है।
सत्र के अंत में एक प्रश्नोत्तर (Q&A) सत्र का भी आयोजन हुआ, जहाँ छात्रों ने करियर से जुड़े अपने संदेह दूर किए। बैतुलमाल कमेटी की इस पहल की समाज के विभिन्न वर्गों ने सराहना की है। कमेटी का उद्देश्य है कि समाज का हर वर्ग मुख्यधारा की शिक्षा और सम्मानजनक रोजगार से जुड़ सके, ताकि राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सके।








