Breaking

Ayushman card rules changed : आयुष्मान कार्ड के नियम बदले, ये काम नहीं किया तो रुक सकता है फ्री इलाज

National 04 January 2026

post

Ayushman card rules changed : आयुष्मान भारत योजना देश के करोड़ों गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए फ्री इलाज का सबसे बड़ा सहारा है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है। लेकिन अब सरकार ने आयुष्मान कार्ड से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है।

Advertisement


सरकार ने साफ कर दिया है कि अब आधार आधारित e-KYC कराना अनिवार्य होगा। जिन लोगों का e-KYC पूरा नहीं है, उनका नया आयुष्मान कार्ड नहीं बनेगा और पुराने कार्ड पर भी इलाज में परेशानी आ सकती है। यानी अगर रिकॉर्ड अधूरा है तो फ्री इलाज पर ब्रेक लग सकता है।


नेशनल हेल्थ अथॉरिटी ने कार्ड जारी करने की प्रक्रिया को और सख्त कर दिया है। इसके लिए BIS 2.0 नाम की नई व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें आधार के जरिए लाभार्थी की पहचान पुख्ता की जाएगी। इसका मकसद यह है कि कोई भी अपात्र व्यक्ति योजना का गलत फायदा न उठा सके।


सरकार ने फर्जीवाड़ा रोकने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भी सहारा लिया है। जांच में अब तक हजारों आयुष्मान कार्ड संदिग्ध पाए गए हैं। कई कार्डों का फिजिकल वेरिफिकेशन चल रहा है और जो कार्ड फर्जी पाए जा रहे हैं, उनकी मेडिकल सुविधा तुरंत बंद की जा रही है।


आयुष्मान कार्ड में नए परिवार सदस्य जोड़ने के नियम भी सख्त कर दिए गए हैं। पहले जहां यह प्रक्रिया आसान थी, अब बिना सही दस्तावेज और जांच के नया नाम जोड़ना मुश्किल होगा। सरकार का कहना है कि इससे सिर्फ असली जरूरतमंद परिवार ही योजना का लाभ ले पाएंगे।


सरकार के मुताबिक, कुछ लोग जो योजना के हकदार नहीं थे, वे भी इसका फायदा उठा रहे थे। इससे सरकारी संसाधनों पर दबाव बढ़ रहा था और असली गरीबों को नुकसान हो रहा था। इसी वजह से नियमों में बदलाव जरूरी हो गया था।


अगर आपका आयुष्मान कार्ड आधार से लिंक नहीं है या आपकी जानकारी गलत है, तो इलाज के समय परेशानी हो सकती है। इसलिए समय रहते अपना e-KYC और कार्ड स्टेटस जरूर जांच लें, ताकि जरूरत पड़ने पर फ्री इलाज में कोई रुकावट न आए।


You might also like!