रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के बाद अब छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी मितव्ययिता की राह पर चलते हुए अपने काफिले में कटौती की है। डॉ. रमन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर ईंधन और संसाधनों के संरक्षण की अपील का सम्मान करते हुए यह बड़ा निर्णय लिया। उन्होंने घोषणा की है कि वे अपने आधिकारिक प्रोटोकॉल काफिले से तत्काल प्रभाव से 4 वाहनों का उपयोग कम करेंगे। डॉ. सिंह का यह कदम राज्य में वीआईपी संस्कृति को सीमित करने और राष्ट्रहित में संसाधनों के बचत की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कड़ी है।
मीडिया से चर्चा करते हुए डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परिवार के मुखिया के रूप में देशवासियों से जो संसाधनों के संरक्षण का आह्वान किया है, वह वर्तमान चुनौतीपूर्ण वैश्विक दौर में अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह निर्णय केवल प्रतीकात्मक नहीं है, बल्कि यह जिम्मेदार नागरिक कर्तव्य और राष्ट्रहित की भावना से प्रेरित है। डॉ. सिंह के अनुसार, जब ईंधन की कीमतें और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो रही हो, तब प्रत्येक जनप्रतिनिधि का यह नैतिक दायित्व बनता है कि वह अनावश्यक खर्चों में कटौती कर समाज के सामने एक आदर्श प्रस्तुत करे।
विधानसभा अध्यक्ष की इस पहल को छत्तीसगढ़ की राजनीति में 'सुशासन' के नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष द्वारा अपने-अपने काफिलों को छोटा करने से न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि सरकारी खजाने पर भी बोझ कम होगा। डॉ. रमन सिंह ने अन्य जनप्रतिनिधियों और सक्षम नागरिकों से भी आग्रह किया है कि वे प्रधानमंत्री के इस संदेश को अपनाएं और व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक जीवन में संसाधनों के अपव्यय को रोकें।

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