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राखड़ डेम टूटा: सैलाब में दबकर JCB ऑपरेटर की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक बेहद भयावह और दुखद औद्योगिक हादसा सामने आया है। यहाँ राखड़ डेम (Ash Dam) की दीवार अचानक टूट जाने से राख का एक विशाल सैलाब रिहायशी और कार्यस्थल वाले इलाकों में फैल गया। इस हादसे ने जहां पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है, वहीं मौके पर काम कर रहे लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राख का बहाव इतना तेज था कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

इस भीषण हादसे का सबसे दुखद पहलू एक JCB ऑपरेटर की मौत है। बताया जा रहा है कि डेम टूटने के वक्त ऑपरेटर अपनी मशीन के साथ वहीं मौजूद था और राख के अचानक हुए बहाव की चपेट में आ गया। भारी मात्रा में राख के मलबे में दबने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची, लेकिन राख के दलदल में फंसे होने के कारण बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण रहा।
यह घटना औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती है। राखड़ डेम का रखरखाव और सुरक्षा मानकों में हुई चूक इस हादसे का मुख्य कारण मानी जा रही है। इसके अलावा, इस राख के सैलाब से हसदेव नदी और आसपास के क्षेत्रों में गंभीर प्रदूषण का खतरा भी मंडरा रहा है, जिससे स्थानीय पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। पर्यावरणविदों और स्थानीय निवासियों ने कंपनियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
घटना के बाद प्रशासन और संबंधित औद्योगिक प्रबंधन पर दबाव बढ़ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की जा रही है, ताकि इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा सके और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके। फिलहाल, पुलिस और वन विभाग की टीमें स्थिति का जायजा ले रही हैं और कंपनी प्रबंधन से जवाब-तलब किया जा रहा है कि आखिर इतने बड़े स्तर की सुरक्षा चूक कैसे हुई।







