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ग्वालियर से गिरफ्तार हुआ रायपुर का कुख्यात सूदखोर वीरेंद्र सिंह तोमर — 16 से ज्यादा केसों में था फरार

रायपुर। सूदखोरी, रंगदारी और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर अपराधों में फरार चल रहे रायपुर के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर को पुलिस ने आखिरकार मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, वीरेंद्र पिछले 5 महीनों से फरार था और लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था।

रायपुर क्राइम ब्रांच और पुरानी बस्ती थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने एक विशेष अभियान चलाते हुए उसे ग्वालियर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम आरोपी को रायपुर लेकर आई है। वर्तमान में एसीसीयू (ACCU) ऑफिस में अफसर वीरेंद्र से पूछताछ कर रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, वीरेंद्र का भाई रोहित तोमर अब भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीम लगातार छापेमारी कर रही है। दोनों भाइयों पर रायपुर के विभिन्न थानों में 16 से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इनमें मारपीट, उगाही, चाकूबाजी, ब्लैकमेलिंग और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामले शामिल हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वीरेंद्र सिंह उर्फ रूबी तोमर का आपराधिक इतिहास लंबा है। उस पर पहला मामला वर्ष 2006 में दर्ज हुआ था, जिसके बाद से वह लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है।
आरोप है कि वीरेंद्र अपने छोटे भाई रोहित तोमर और अन्य परिवारजनों के साथ मिलकर सूदखोरी का धंधा चलाता था। ये लोग कर्जदारों से मूलधन से कई गुना ब्याज वसूलते और रकम नहीं लौटाने पर मारपीट व धमकी देते थे। पुलिस ने वीरेंद्र को आदतन अपराधी (Habitual Offender) की सूची में शामिल किया है।





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