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थल सेना दिवस 2026: पीएम मोदी और रक्षा मंत्री ने सेना के शौर्य को किया नमन, 'ऑपरेशन सिंदूर' के वीरों को सराहा
देश आज 78वां भारतीय थल सेना दिवस गर्व और उत्साह के साथ मना रहा है। इस गौरवशाली अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय सेना के अदम्य साहस और अटूट प्रतिबद्धता को सलाम किया। पीएम मोदी ने 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए लिखा कि हमारे सैनिक निस्वार्थ सेवा के प्रतीक हैं, जो सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी राष्ट्र की सीमाओं की सुरक्षा करते हैं। उन्होंने कर्तव्य के प्रति उनके समर्पण को पूरे देश के लिए प्रेरणादायक बताया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस विशेष दिन पर सेना के सभी रैंकों, दिग्गजों और उनके परिवारों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। रक्षा मंत्री ने विशेष रूप से 'ऑपरेशन सिंदूर' का उल्लेख करते हुए भारतीय सेना की पेशेवर क्षमता और रणनीतिक कौशल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से सेना ने न्याय और सुरक्षा के प्रति अपने संकल्प को सिद्ध किया है। उन्होंने मातृभूमि की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों और उनके परिवारों को भी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
[Image: PM Modi and Defense Minister at Army Day event]
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने थल सेना दिवस 2026 पर अपने संदेश में कहा कि भारतीय सेना राष्ट्रीय सुरक्षा का मुख्य आधार है। उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं के दौरान लोगों की जान बचाने और सीमाओं की रक्षा करने में सेना के अनुकरणीय प्रदर्शन की प्रशंसा की। राष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि सेना राष्ट्र निर्माण, आर्थिक प्रगति और समावेशी विकास की विरासत को आगे बढ़ाती रहेगी। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान और थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भी इस अवसर पर सैन्य कर्मियों के मनोबल को बढ़ाया।
सेना दिवस हर साल 15 जनवरी को फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा के सम्मान में मनाया जाता है, जिन्होंने 1949 में अंतिम ब्रिटिश कमांडर-इन-चीफ से भारतीय सेना की कमान संभाली थी। आज के दिन देशभर में विभिन्न सैन्य परेडों और कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें सेना की आधुनिक शक्ति और 'आत्मनिर्भर भारत' की ओर बढ़ते कदमों की झलक दिखाई दे रही है। पूरा देश आज अपने वीर जवानों के शौर्य और त्याग के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर रहा है।







