छत्तीसगढ़ के आरंग क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों के दोहन और अवैध रूप से चल रहे रेत, गिट्टी और मुरूम के काले कारोबार पर खनिज विभाग ने एक बार फिर जोरदार प्रहार किया है। क्षेत्र में लगातार मिल रही अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर के कड़े और स्पष्ट निर्देशों के बाद खनिज विभाग के आला अधिकारियों ने एक ठोस रणनीति तैयार की, जिसके बाद इस पूरे अवैध नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए जमीनी स्तर पर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
रातभर चला सघन अभियान, 11 ओवरलोड हाइवा जब्त
खनिज विभाग की विशेष उड़नदस्ता टीम ने आरंग और उसके आस-पास के संवेदनशील मार्गों पर रातभर सघन जांच और चेकिंग अभियान चलाया। इस औचक कार्रवाई के दौरान टीम ने अवैध रूप से खनिज संपदा का परिवहन कर रहे वाहनों को घेराबंदी करके रोका। मौके पर जरूरी रॉयल्टी पर्ची और वैध दस्तावेज न मिलने पर अधिकारियों ने रेत और मुरूम से लदे कुल 11 भारी-भरकम हाइवा वाहनों को रंगे हाथों पकड़कर जब्त कर लिया। इन सभी वाहनों को सुरक्षा के लिहाज से स्थानीय थाने और सरकारी परिसर में खड़ा कराया गया है।
खनन माफियाओं में मचा हड़कंप, आगे भी जारी रहेगी सख्ती
खनिज विभाग द्वारा अचानक की गई इस चौतरफा कार्रवाई से क्षेत्र के सक्रिय रेत और खनन माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया है। कई वाहन चालक और अवैध कारोबारी कार्रवाई की भनक लगते ही रास्ते बदलकर भागते नजर आए। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए सभी 11 हाइवा वाहनों के मालिकों के खिलाफ खनिज अधिनियम के तहत सख्त कानूनी केस दर्ज कर भारी जुर्माना वसूलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही चेतावनी दी गई है कि पर्यावरण और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे अवैध कारोबारियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।







