ग्वालियर। शहर में साइबर अपराध का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक स्कूल प्राचार्य ने अनजाने में मोबाइल पर आई एक APK फाइल खोल ली और कुछ ही मिनटों में उनका बैंक खाता लगभग खाली हो गया। ठगों ने खाते से 2 लाख 43 हजार रुपये निकाल लिए।
पीड़ित प्राचार्य एक निजी स्कूल से जुड़े हुए हैं। उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप के जरिए एक फाइल आई थी, जिसे उन्होंने सामान्य दस्तावेज समझकर डाउनलोड कर लिया। फाइल खुलते ही मोबाइल का नियंत्रण साइबर ठगों के हाथ में चला गया और बिना किसी ओटीपी या कॉल के खाते से लगातार ट्रांजैक्शन होने लगे।
कुछ ही मिनटों में उड़ गए लाखों रुपये
मोबाइल पर बैंक से पैसे कटने के मैसेज आने लगे। पहले एक बड़ी राशि निकाली गई, फिर कुछ मिनटों में दो अन्य ट्रांजैक्शन कर खाते से पूरी रकम साफ कर दी गई। जब तक पीड़ित कुछ समझ पाते, तब तक नुकसान हो चुका था।
साइबर सेल ने खाता कराया फ्रीज
घटना का अहसास होते ही प्राचार्य ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन और स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बैंक खाते को फ्रीज कराया, जिससे आगे की ठगी रोकी जा सकी। मामले की जांच साइबर सेल द्वारा की जा रही है।
पुलिस की चेतावनी
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान नंबर या ग्रुप से आई APK फाइल, लिंक या ऐप को डाउनलोड न करें। ऐसे फाइल मोबाइल का पूरा एक्सेस लेकर बैंक ऐप और निजी जानकारी तक पहुंच बना लेते हैं।
बढ़ते साइबर अपराध चिंता का विषय
शहर में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। किसी भी संदिग्ध लिंक या फाइल से दूरी बनाकर ही इस तरह के अपराधों से बचा जा सकता है।








