Breaking
- बस्तर के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में 12 दिन पहले शुरू हुआ सफारी सत्र, पर...
- Dussehra Celebration : बिलाईगढ़ के ऐतिहासिक राजशाही दशहरा उत्सव में शामिल हुए...
- Police Commemoration Day : छत्तीसगढ़ में शांति और सुरक्षा के लिए वीर जवानों क...
- Urban Challenge Fund Conclave: छत्तीसगढ़ के शहरों के सुनियोजित विकास को मिलेग...
- Pradhan Mantri Awas Yojana in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आर्थिक प...
- Pradhan Mantri Awas Yojana in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आर्थिक प...
- SECL के रिटायर्ड कर्मी का मोबाइल हैक कर 1.39 लाख की ठगी, क्रेडिट कार्ड से फ्ल...
- मायके से नहीं लौटी पत्नी तो फोन पर बोला- 'मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं', और ...
- पत्नी से अवैध संबंध के शक में चचेरे भाई पर जानलेवा हमला, आंखों में मिर्च पाउड...
- Crime News: पुनर्वास केंद्र में रह रहे आत्मसमर्पित नक्सली ने लगाई फांसी, पुलि...
कोलकाता की 28 में 22 सीटों पर फोकस, बंगाल में सरकार का दावा… अमित शाह का ममता बनर्जी को मात देने का मास्टर प्लान

कोलकाता | बंगाल चुनाव 2026

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि बीजेपी राज्य में बहुमत की सरकार बनाएगी। तीन दिवसीय बंगाल दौरे के दौरान शाह ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को लक्ष्य देते हुए कोलकाता और आसपास की 28 विधानसभा सीटों में से 22 सीटें जीतने का टारगेट रखा है।
यह वही इलाका है, जहां 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा था और पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी थी। अब बीजेपी ने इसी क्षेत्र को जीत की कुंजी मानते हुए नई रणनीति तैयार की है।
कोलकाता: टीएमसी का मजबूत गढ़, बीजेपी की सबसे बड़ी चुनौती
कोलकाता और आसपास के शहरी इलाकों—जादवपुर, दमदम, जोरासांको, श्यामपुकुर, टॉलीगंज, बेहाला, भवानीपुर जैसे क्षेत्रों में 2011 से लगातार तृणमूल कांग्रेस का कब्जा रहा है। यही इलाके ममता बनर्जी सरकार की राजनीतिक ताकत का केंद्र माने जाते हैं और इन्हीं सीटों से ममता कैबिनेट के कई वरिष्ठ मंत्री आते हैं।
2021 में बीजेपी यहां एक भी सीट नहीं जीत पाई थी, हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने जोरासांको, श्यामपुकुर और भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के कई वार्डों में बढ़त बनाई, जिससे पार्टी को उम्मीद की नई जमीन मिली है।
22 सीटों पर जीत का टारगेट, टीएमसी विधायकों पर सीधा फोकस
अमित शाह ने जिन 28 सीटों में से 22 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है, उनमें टीएमसी के बड़े चेहरे शामिल हैं—
भवानीपुर से ममता बनर्जी, कोलकाता पोर्ट से फिरहाद हकीम, टॉलीगंज से अरूप बिस्वास, बेहाला पूर्व से रत्ना चटर्जी, बालीगंज से बाबुल सुप्रियो, दमदम से ब्रत्य बसु समेत कई दिग्गज नेता।
बीजेपी की रणनीति इन सीटों पर शहरी मतदाताओं, मध्यम वर्ग, युवाओं और भ्रष्टाचार से नाराज़ वोटरों को साधने की है।
2021 में कहां मजबूत थी बीजेपी
2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मुख्य रूप से उत्तर बंगाल, जंगलमहल क्षेत्र (बांकुड़ा, पुरुलिया), नदिया, उत्तर 24 परगना और मतुआ बहुल इलाकों में सफलता मिली थी।
अलीपुरद्वार, दार्जिलिंग, कूचबिहार जैसे जिलों में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया था और कुल 77 सीटें जीतकर पहली बार राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी बनी थी।
बीजेपी के बढ़ते ग्राफ का दावा
बीजेपी नेताओं का कहना है कि:
2014 लोकसभा: 17% वोट
2016 विधानसभा: 10% वोट, 3 सीट
2019 लोकसभा: 41% वोट, 18 सीट
2021 विधानसभा: 38% वोट, 77 सीट
2024 लोकसभा: ~39% वोट, 12 सीट
पार्टी का दावा है कि यह ग्राफ बताता है कि बीजेपी अब बंगाल में स्थायी राजनीतिक ताकत बन चुकी है।







