केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने बस्तर प्रवास के दौरान बस्तर संभाग के विकास और सुरक्षा को लेकर एक ऐतिहासिक और बड़ा संकल्प दोहराया है। जगदलपुर पहुंचे गृहमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे का ऐलान करते हुए कहा कि आने वाले समय में बस्तर को देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास की इस नई रफ्तार और बस्तर के सुदूर अंचलों में शुरू होने वाले 'सेवा डेरे' के माध्यम से यहाँ के स्थानीय आदिवासियों और ग्रामीणों की जिंदगी पूरी तरह बदल जाएगी।
अपने इस बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील दौरे की शुरुआत करते हुए गृहमंत्री अमित शाह सबसे पहले नक्सल प्रभावित नेतानार स्थित केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के कैंप पहुंचे। यहाँ उन्होंने बस्तर के महान आदिवासी नायक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद गुंडाधुर की भव्य प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने कैंप परिसर में ही स्थानीय ग्रामीणों की सहूलियत के लिए नवनिर्मित अत्याधुनिक जन सुविधा केंद्र का फीता काटकर भव्य शुभारंभ किया।
इस जन सुविधा केंद्र की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब बस्तर के अंदरूनी इलाकों में तैनात सुरक्षा बलों के 70 कैंपों में ऐसे ही केंद्र शुरू किए जाएंगे। इन केंद्रों को 'शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा' के नाम से विकसित किया जाएगा, जहाँ स्थानीय आदिवासियों को पहचान पत्र, पैन कार्ड, बैंकिंग सेवाएं, कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) और राशन कार्ड से जुड़ी तमाम बुनियादी नागरिक समस्याओं का समाधान एक ही छत के नीचे मिल सकेगा। गृहमंत्री ने कहा कि इन सेवा डेरों के माध्यम से न केवल शासन-प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास मजबूत होगा, बल्कि लाल आतंक के गढ़ में विकास का उजाला पहुंचेगा।







