छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बीते शुक्रवार (23 जनवरी) को एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने अंबिकापुर पहुंचे थे। उनके आगमन पर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और युवाओं ने एक बड़े काफिले के साथ उनका स्वागत किया। हालांकि, गांधी चौक के पास यह उत्साह 'हुड़दंग' में बदल गया, जहाँ युवाओं ने यातायात नियमों को ताक पर रखकर सड़कों पर जमकर उत्पात मचाया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए स्टंट के वीडियो
स्वागत रैली के दौरान कई युवा चलती हुई लग्जरी गाड़ियों की खिड़कियों से बाहर लटककर स्टंट करते और रील बनाते नजर आए। इन हरकतों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए, जिसके बाद आम नागरिकों ने सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। वीडियो में साफ देखा जा सकता था कि किस तरह भीड़भाड़ वाले इलाके में तेज रफ्तार गाड़ियों के साथ जान जोखिम में डाली जा रही थी।
पुलिस ने की बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक
मामले की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा के निर्देश पर अंबिकापुर की कोतवाली पुलिस ने तत्काल एक्शन लिया। सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया वीडियो के आधार पर पुलिस ने वाहनों की पहचान की। अब तक पुलिस ने 8 लग्जरी गाड़ियों को जब्त कर लिया है, जिनमें 4 स्कॉर्पियो, 3 इनोवा और 1 अर्टिगा शामिल है।
लाइसेंस निरस्त और कड़ी कानूनी कार्रवाई
पुलिस की यह कार्रवाई केवल गाड़ी जब्ती तक सीमित नहीं है। आईजी ने स्पष्ट किया है कि स्टंट करने वाले सभी चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125, 281, 285 और मोटरयान अधिनियम की धारा 184 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
बाकी वाहनों की तलाश जारी
अंबिकापुर पुलिस का कहना है कि काफिले में करीब 15 से अधिक गाड़ियां शामिल थीं। फिलहाल 8 गाड़ियां पुलिस के कब्जे में हैं और बाकी वाहनों व उनमें सवार हुड़दंगियों की तलाश के लिए पुलिस टीमें फुटेज खंगाल रही हैं। पुलिस ने सख्त संदेश दिया है कि किसी भी राजनीतिक रसूख के नाम पर सड़कों पर असुरक्षा पैदा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।








