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अंबिकापुर की खौफनाक परंपरा: होलिका दहन के बाद दहकते अंगारों पर नंगे पैर चलते हैं ग्रामीण, आस्था के आगे आग भी बेअसर!

Chhattisgarh RRT News Desk 03 March 2026

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छत्तीसगढ़ का सरगुजा अंचल अपनी अनूठी संस्कृति और लोक परंपराओं के लिए दुनिया भर में मशहूर है। इसी कड़ी में अंबिकापुर के पास स्थित कुछ गांवों में होली के अवसर पर एक ऐसी परंपरा निभाई जाती है, जिसे देखकर पहली बार में किसी की भी रूह कांप जाए। यहाँ होलिका दहन के बाद जब लकड़ियाँ पूरी तरह जलकर दहकते अंगारों (धधकते कोयलों) में तब्दील हो जाती हैं, तब ग्रामीण उन पर नंगे पैर चलकर एक ओर से दूसरी ओर जाते हैं। विज्ञान के नजरिए से यह असंभव लग सकता है, लेकिन स्थानीय लोगों के लिए यह अटूट आस्था का विषय है।

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इस रस्म को देखने के लिए हर साल दूर-दराज से लोग पहुँचते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। होलिका दहन के बाद विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और फिर गांव के बड़े-बुजुर्ग और युवा एक-एक करके दहकते अंगारों के बीच से गुजरते हैं। सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि इस जानलेवा खतरे के बावजूद किसी भी ग्रामीण के पांव में छाले तक नहीं पड़ते। ग्रामीणों का मानना है कि होलिका माता की कृपा और उनकी शुद्ध भक्ति ही उन्हें इस भीषण ताप से बचाती है।

स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, अंगारों पर चलने की यह परंपरा गांव की सुख-समृद्धि और अनिष्ट शक्तियों से रक्षा के लिए निभाई जाती है। लोगों का कहना है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से इन अंगारों से गुजरता है, उसकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और वह बीमारियों से मुक्त रहता है। इस दौरान पूरा माहौल ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक गीतों से गूंज उठता है, जिससे लोगों का उत्साह और साहस दोगुना हो जाता है। प्रशासन और सुरक्षा की दृष्टि से भी यहाँ खास सतर्कता बरती जाती है, हालांकि अब तक किसी अप्रिय घटना की जानकारी सामने नहीं आई है।

आज के आधुनिक युग में जहाँ लोग हर चीज के पीछे तर्क ढूंढते हैं, सरगुजा की यह 'अग्नि परीक्षा' आस्था और चमत्कार का अनूठा संगम पेश करती है। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि ग्रामीणों की एकता और उनकी संस्कृति के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक है। अंबिकापुर की यह अनोखी होली सोशल मीडिया पर भी चर्चा का केंद्र बनी रहती है, जहाँ लोग इस साहसिक और विस्मयकारी दृश्य को देखकर दंग रह जाते हैं। यह परंपरा साबित करती है कि भारत के ग्रामीण अंचलों में आज भी कई रहस्यमयी और रोमांचक रीति-रिवाज जीवित हैं।

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