रायपुर: "किसानों की समृद्धि ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत आधारशिला है। कृषि केवल आजीविका का जरिया नहीं, बल्कि हमारे देश की अर्थव्यवस्था की असली रीढ़ है। जब तक हमारा किसान आर्थिक रूप से समृद्ध और सशक्त नहीं होगा, तब तक विकास का हर लक्ष्य अधूरा है।" यह बात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर जिले के कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, कुनकुरी में आयोजित 'जैविक किसान मेला' और 'खेत बचाओ अभियान' के तहत प्राकृतिक एवं जैविक खेती कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही।
मुख्यमंत्री ने रासायनिक उर्वरकों (Chemical Fertilizers) के अंधाधुंध उपयोग पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे हमारी धरती मां की कोख (उर्वरा शक्ति) बंजर हो रही है और इंसानी स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपने पूर्वजों के पारंपरिक ज्ञान जैसे- गोबर खाद, ढैंचा और हरी खाद को आधुनिक कृषि तकनीक के साथ जोड़कर 'सस्टेनेबल फार्मिंग' (टिकाऊ खेती) की ओर कदम बढ़ाएं।
???? जशपुर में कृषि क्रांति: बड़ी घोषणाएं और योजनाएं
मुख्यमंत्री ने जशपुर और पूरे छत्तीसगढ़ के कृषि परिदृश्य को बदलने के लिए केंद्र व राज्य सरकार की कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का विवरण साझा किया:
1. बगिया दाबयुक्त सिंचाई योजना (Preesurized Irrigation Scheme)
बजट व कवरेज: लगभग 119 करोड़ रुपये की लागत वाली यह योजना जशपुर के 14 गांवों के 5 हजार हेक्टेयर खेतों को संचित करेगी।
खासियत: यह प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत देश के 100 प्रमुख प्रोजेक्ट्स में चुनी गई छत्तीसगढ़ की एकमात्र योजना है। इसमें पाइपलाइन के जरिए सीधे खेतों तक पानी पहुंचेगा, जिससे किसी भी किसान की भूमि का अधिग्रहण (Land Acquisition) करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
2. औषधीय फसलों के लिए 'सेमिना एग्रो' से बड़ा अनुबंध
बेहतर बाजार व्यवस्था: कार्यशाला के दौरान जिला प्रशासन जशपुर और सेमिना एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक ऐतिहासिक एमओयू (अनुबंध) पर हस्ताक्षर किए गए।
लाभ: अब जशपुर के किसानों द्वारा उगाई जाने वाली औषधीय (Medicinal) और सुगंधित (Aromatic) फसलों को सीधे राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलेगा, जिससे बिचौलियों का खेल खत्म होगा और किसानों को उपज का सही मूल्य संवर्धन (Value Addition) मिलेगा।
अनूठी प्रदर्शनी: 33 किलो का कटहल और ढाई किलो का आम
किसान मेले में आधुनिक तकनीकों का लाइव प्रदर्शन किया गया, जिसमें आसमान में उड़ते कृषि ड्रोन द्वारा खेतों में कीटनाशकों और नैनो यूरिया के सुरक्षित छिड़काव का लाइव डेमो आकर्षण का केंद्र रहा।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विभिन्न कृषि प्रतियोगिताओं के विजेता उत्कृष्ट किसानों को मंच पर सम्मानित किया:
महेश सिंह (खोंगा, मनोरा): जैविक खेती (Organic Farming) के क्षेत्र में बेहतरीन नवाचार के लिए सम्मानित।
सुखराम (लाखाझार): अपने खेत में रिकॉर्ड 33 किलोग्राम वजन का विशालकाय कटहल उगाने के लिए विशेष पुरस्कार।
विजय भूषण (ठेठेटांगर): ढाई किलो (2.5 Kg) वजन का एक अकेला आम उत्पादित करने के लिए सम्मानित।
स्वामित्व योजना: इसके तहत कृषक गुप्तेश्वर को उनके निवास व भूमि का मालिकाना हक देने वाला 'भूमि पट्टा' सौंपा गया।
सुशासन और डिजिटल सेवाओं का विस्तार
किसानों और ग्रामीणों को दफ्तरों के चक्कर काटने से बचाने के लिए मुख्यमंत्री ने राज्य में लागू की जा रही 'डिजिटल गवर्नेंस' की प्रगति रिपोर्ट भी पेश की:
धान खरीदी पर बोले सीएम: हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। हमने आते ही 2 साल का लंबित धान बोनस दिया, 0% ब्याज पर कृषि ऋण दे रहे हैं और देश में सबसे ऊंची कीमत 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की रिकॉर्ड खरीदी कर रहे हैं।
इस राज्य स्तरीय वृहद किसान समागम में पत्थलगांव विधायक व सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय, जशपुर विधायक रायमुनी भगत, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, अंत्यावसायी निगम के अध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार बेसरा, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, यशप्रताप सिंह जूदेव सहित हजारों की संख्या में प्रगतिशील किसान और कृषि वैज्ञानिक उपस्थित रहे।







