RRT News छत्तीसगढ़ में कस्टम मिलिंग की प्रक्रिया में कोताही बरतने वाले राइस मिलर्स पर खाद्य विभाग और प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। धान उपार्जन और उसके बाद की मिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 74 राइस मिलर्स को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किया है। यह कदम विभाग द्वारा मिलिंग कार्यों में लगातार मिल रही शिकायतों और निर्धारित लक्ष्यों को पूरा न करने के कारण उठाया गया है, जिससे लापरवाह मिलर्स के बीच हड़कंप मच गया है।
प्रशासन की ओर से जारी आदेशों में स्पष्ट कहा गया है कि कस्टम मिलिंग में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कई मिलर्स द्वारा समय पर चावल जमा न करने और मिलिंग के मानकों का पालन न करने की खबरें सामने आ रही थीं, जिसके बाद जिला प्रशासन ने यह सख्त रुख अपनाया है। इस कार्यवाही का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों से खरीदी गई धान का चावल समयबद्ध तरीके से राज्य के गोदामों और भारतीय खाद्य निगम (FCI) तक पहुँचे, ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में कोई बाधा न आए।
जिन 74 राइस मिलर्स को नोटिस जारी किया गया है, उन्हें तय समय सीमा के भीतर अपने जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया या भविष्य में मिलिंग कार्यों में तत्काल सुधार नहीं हुआ, तो इन राइस मिलर्स के खिलाफ ब्लैकलिस्ट करने या उनके अनुबंध को रद्द करने जैसी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान पूरे प्रदेश में मिलिंग व्यवस्था को अनुशासित करने और पारदर्शिता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।








