छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया है। सीमेंट प्लांट के एक अनियंत्रित वाहन ने दो युवकों की जान ले ली, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है। इस दर्दनाक घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने अपनी मांगों को लेकर सड़क पर डेरा डाल दिया है।
क्या है मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, सीमेंट प्लांट से जुड़े एक भारी वाहन ने बाइक सवार तीन युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरे युवक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार बताया जा रहा है।
सड़कों पर उतरा गुस्सा: 50 लाख मुआवजे की मांग
हादसे के तुरंत बाद, मृतक के परिजनों और आक्रोशित ग्रामीणों ने घटनास्थल पर ही शव रखकर चक्काजाम कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट के भारी वाहनों की लापरवाही आए दिन ऐसे हादसों को न्यौता देती है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि:
पीड़ित परिवारों को 50 लाख रुपये का मुआवजा तत्काल दिया जाए।
मृतक के परिवार के किसी एक सदस्य को नौकरी दी जाए।
प्लांट के भारी वाहनों की गति और सुरक्षा मानकों की कड़ी जांच हो।
प्रशासन की स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंच गया है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। प्रशासन इस बात पर मंथन कर रहा है कि कैसे स्थिति को सामान्य किया जाए और मुआवजे की राशि पर प्लांट प्रबंधन के साथ बातचीत की जाए।
सुरक्षा पर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों के आसपास भारी वाहनों के संचालन और सुरक्षा नियमों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। क्या प्लांट प्रबंधन इस हादसे की नैतिक जिम्मेदारी लेगा? क्या पीड़ित परिवारों को उनका हक मिलेगा? सबकी नजरें अब प्रशासन की ओर टिकी हैं।


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