छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के पोंडी में संचालित शराब भट्ठी को हटाने की मांग अब जन आंदोलन का रूप ले चुकी है। शुक्रवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं और स्थानीय स्कूली छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर रायपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे 30 पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शैक्षणिक संस्थान के करीब शराब दुकान होने से इलाके का माहौल खराब हो रहा है और छात्र-छात्राओं को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लंबे समय से शिकायत के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम न उठाए जाने से नाराज छात्र आज सड़कों पर उतर आए।
चक्काजाम के कारण नेशनल हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और भीषण गर्मी में यात्री घंटों फंसे रहे। इसी दौरान प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव का काफिला भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंच गया, जिसे आंदोलन के कारण रुकना पड़ा। हाईवे जाम होने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने की कोशिश की। हालांकि, प्रदर्शनकारी इस बात पर अड़े रहे कि जब तक शराब भट्ठी को वहां से हटाने का लिखित आश्वासन नहीं मिलता, वे सड़क खाली नहीं करेंगे।
स्कूली छात्रों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के इस संयुक्त विरोध ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शराब भट्ठी के कारण असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा है। मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने का प्रयास किया, लेकिन छात्रों के कड़े प्रतिरोध के कारण घंटों तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। इस दौरान यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए भी रास्ता बनाना मुश्किल हो गया था।
काफी देर तक चली खींचतान और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा जल्द उचित कार्रवाई के भरोसे के बाद जाम को खोला जा सका। डिप्टी सीएम अरुण साव ने भी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अधिकारियों से चर्चा की और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। फिलहाल, हाईवे पर यातायात बहाल कर दिया गया है, लेकिन एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर शराब भट्ठी का स्थानांतरण नहीं किया गया, तो आने वाले समय में और भी उग्र आंदोलन किया जाएगा।







