Raipur: रियल एस्टेट के नाम पर आम लोगों को सब्जबाग दिखाने वाला 'आरम सिटी नेक्स्ट' (Aarum City Next) प्रोजेक्ट अब बड़े कानूनी विवाद के घेरे में आ गया है। चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जिस जमीन पर बिल्डर द्वारा आलीशान कॉलोनी और प्लॉट बेचने का दावा किया जा रहा है, वह सरकारी दस्तावेजों में आज भी कृषि भूमि के रूप में दर्ज है। बिल्डर ने नियमों को ताक पर रखकर बिना भूमि व्यपवर्तन (डायवर्जन) कराए ही वहां सड़कों का जाल बिछा दिया और अवैध रूप से प्लाटिंग कर दी है।
राजस्व विभाग की जांच में यह बात सामने आई है कि बिल्डर ने इस प्रोजेक्ट के लिए अनिवार्य टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (T&CP) से भी विधिवत लेआउट पास नहीं कराया है। इसके बावजूद, विज्ञापन और मार्केटिंग के जरिए ग्राहकों को लुभाकर लाखों-करोड़ों रुपये की बुकिंग की जा रही है। रेरा (RERA) के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए किए जा रहे इस निर्माण कार्य ने अब जिला प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचा है। जानकारों का कहना है कि कृषि भूमि पर बिना अनुमति के इस तरह की व्यावसायिक गतिविधि पूरी तरह गैर-कानूनी है।
इस मामले के तूल पकड़ते ही अब उन निवेशकों की चिंता बढ़ गई है, जिन्होंने अपनी जमा-पूंजी इस प्रोजेक्ट में लगा रखी है। यदि प्रशासन इस पर 'बुलडोजर' की कार्रवाई करता है या प्रोजेक्ट को सील करता है, तो आम खरीदारों का पैसा फंसना तय है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि बिल्डर ने रसूख के दम पर स्थानीय अधिकारियों को गुमराह किया और बिना किसी मूलभूत सुविधा के कागजों पर ही 'ड्रीम प्रोजेक्ट' खड़ा कर दिया।
फिलहाल, जिला प्रशासन और राजस्व अमला जमीन के खसरा नंबरों की विस्तृत जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अवैध प्लाटिंग के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत 'आरम सिटी नेक्स्ट' के खिलाफ भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। बिल्डर को नोटिस जारी कर सभी वैधानिक दस्तावेज पेश करने को कहा गया है, अन्यथा अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू होगी।








