Breaking
- Crime News: लिफ्ट मांगने को लेकर हुआ विवाद, स्कूटी सवारों ने युवक पर किया चाक...
- Narayanpur Security: अदनार के जंगल में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, पुराने मा...
- Road Project: सेरीखेड़ी से सरोना तक बदलेगा सफर, 14.25 किमी सर्विस रोड चौड़ीकर...
- Sukma Relief News: डॉ. प्रेम साई गुरुजी ने नक्सल पीड़ित परिवारों को दिया सहार...
- Health Chhattisgarh: स्वाइन फ्लू के 110 मामले, रायपुर में सबसे ज्यादा 56 मरीज
- Chhattisgarh LPG News: e-KYC पूरा नहीं कराने वालों के गैस कनेक्शन पर असर, 6 ल...
- Women Empowerment Chhattisgarh: महतारी वंदन की 31वीं किस्त से कुसुम की रक्षाब...
- Sports Raipur: राष्ट्रीय खेल दिवस पर केटीयू में पारंपरिक और नवाचारी खेलों की धूम
- Education Chhattisgarh: राज्यपाल रमेन डेका ने विद्यार्थियों से कहा- लक्ष्य के...
- Sports Chhattisgarh: खेल प्रतिभाओं को सम्मान, 666 खिलाड़ियों-प्रशिक्षकों को म...
19 February History: छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती से लेकर देश के पहले कंप्यूटरीकृत रेलवे आरक्षण तक, जानें आज के दिन का गौरवशाली इतिहास..

19 फरवरी का दिन भारतीय इतिहास के पन्नों में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है। आज ही के दिन सन् 1630 में शिवनेरी दुर्ग में मराठा साम्राज्य के संस्थापक और महान योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म हुआ था। उनकी जयंती पूरे देश, विशेषकर महाराष्ट्र में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। शिवाजी महाराज ने न केवल मुगलों और बाहरी आक्रमणकारियों के खिलाफ लोहा लिया, बल्कि 'हिंदवी स्वराज्य' की स्थापना कर कुशल शासन और गोरिल्ला युद्ध नीति का अद्भुत उदाहरण पेश किया।

आधुनिक भारत के विकास क्रम में भी 19 फरवरी का विशेष महत्व है। सन् 1986 में आज ही के दिन देश की राजधानी नई दिल्ली में पहली बार कंप्यूटरीकृत रेलवे आरक्षण (Computerized Railway Reservation) प्रणाली की शुरुआत हुई थी। इस क्रांतिकारी कदम ने भारतीय रेलवे के इतिहास को पूरी तरह बदल दिया और यात्रियों के लिए टिकट बुक करने की प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बना दिया। इससे पहले लंबी लाइनों और मैनुअल रिकॉर्ड्स के कारण होने वाली परेशानियों से आम जनता को बड़ी राहत मिली थी।
इन प्रमुख घटनाओं के अलावा, 19 फरवरी को अन्य महत्वपूर्ण वैश्विक घटनाएं भी हुईं। सन् 1473 में महान खगोलशास्त्री निकोलस कोपरनिकस का जन्म हुआ था, जिन्होंने दुनिया को बताया कि पृथ्वी नहीं बल्कि सूर्य ब्रह्मांड के केंद्र में है। वहीं, 1997 में चीनी राजनीति के दिग्गज डेंग शियाओपिंग का निधन भी इसी तारीख को हुआ था। यह दिन हमें हमारी सांस्कृतिक विरासत की याद दिलाने के साथ-साथ वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति के मील के पत्थरों से भी रूबरू कराता है।






