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Suicide Data: दुर्ग जिले में 42 महीनों में 1868 आत्महत्याएं, 1277 मामलों की वजह अब भी अनसुलझी

भिलाईनगर। दुर्ग जिले में आत्महत्या के मामलों का आंकड़ा चिंता बढ़ाने वाला है। पिछले 42 महीनों में जिले में 1868 लोगों ने आत्महत्या की। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बड़ी संख्या में मामलों में आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस 1277 मामलों में कारण का पता नहीं लगा पाई।

पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस अवधि में 1566 लोगों ने अपनी जान गंवाई, यानी औसतन हर साल करीब 522 आत्महत्याएं दर्ज हुईं। वहीं 2026 के शुरुआती छह महीनों में ही आत्महत्या के 302 मामले सामने आ चुके हैं।
आंकड़ों में घरेलू विवाद आत्महत्या के प्रमुख कारणों में शामिल है। इसके अलावा अन्य व्यक्तिगत और सामाजिक परिस्थितियां भी ऐसे मामलों से जुड़ी हो सकती हैं। हालांकि बड़ी संख्या में मामलों में कारण स्पष्ट नहीं होने से आत्महत्या की रोकथाम के लिए वास्तविक वजहों को समझना पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।
खास बात यह है कि आंकड़ों में प्रेम प्रसंग से जुड़े आत्महत्या के मामले अपेक्षाकृत कम बताए गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार आत्महत्या की रोकथाम के लिए मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद और सामाजिक दबाव जैसी परिस्थितियों पर समय रहते ध्यान देना जरूरी है।






